संकल्प शक्ति। वर्तमान समय में पूरा समाज तनावग्रस्त है और इसके मूल में है कुत्सिक इच्छाओं की पूर्ति की मानसिक क्षुद्रता। इच्छाएं हमेशा सतोगुणी होनी चाहिएं। सत, रज और तम, ये तीनों तत्त्व मनुष्य के अन्दर विद्यमान हैं। रजोगुणी इच्छाएं संस्कार को, पूर्व के अच्छे कर्मों को नष्ट करती हैं, जबकि तमोगुणी इच्छाएं पतन की ओर लेजाती हैं। यदि मनुष्य अपनी शक्ति का उपयोग सही दिशा में करने लगे, तो वह कभी दु:खी न हो। लेकिन, आज पूरा समाज रजोगुणीे एवं तमोगुणी इच्छाओं से ग्रसित है और सत के साथ कैसे जीना चाहिए, इससे दूर है। सतोगुणी इच्छाएं हमें मुक्तिपथ की ओर ले जाती हैं। इच्छाएं अनन्त हैं, जिन्हें मनमस्तिष्क में पालना ही भटकाव का कारण है। सतोगुणी इच्छाएं मनुष्य को कर्मवान, धर्मवान, चेतनावान् व पुरुषार्थी बनाती हैं, वहीं रजोगुणी इच्छाएं क्रोधी, लोभी व चरित्रहीन् जबकि तमोगुणी इच्छाएं पतन की गहरी खाई में ढकेल देती हैं।
मानवता की सेवा और समाज को सत्यधर्म की ओर बढ़ाने के लिए ऋषिवर सद्गुरुदेव श्री शक्तिपुत्र जी महाराज के द्वारा भगवती मानव कल्याण संगठन का गठन दिनांक15 मार्च सन् 1995 में किया गया और यह संगठन निरन्तर जनजागरण के माध्यम से अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर है। संगठन के कार्यकर्ताओं में नवीन ऊर्जा का संचार करने के लिए, समय-समय पर पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम धाम में कार्यकर्ता बैठक आहूत की जाती है।
तीन चरणों में बैठक आयोजित
धार्मिक-आध्यात्मिकस्थली सिद्धाश्रम धाम में परम पूज्य गुरुवरश्री के आवाहन पर दिनांक 30 मई से 21 जून तक तीन चरणों में भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित है। हर चरण की बैठक दो दिनों की होगी, जिसमें संगठन के केन्द्रीय पदाधिकारियों के द्वारा संगठनात्मक गतिविधियों तथा पदाधिकारियों एवं टीमप्रमुखों के जनजागरण कार्यों की समीक्षा की जाएगी और नवीन गठन के साथ ही आगामी सेवाकार्यों की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

दिव्य मार्गदर्शन
इस बैठक का सबसे मुख्य आकर्षण यह है, कि सिद्धाश्रम धाम व संगठन के संस्थापक-संचालक परम पूज्य सद्गुरुदेव जी महाराज अपने प्रवचनों के माध्यम से कार्यकतार्ओं में विशेष ऊर्जा का संचार करेंगे, जिससे वे पूर्ण निष्ठा के साथ धर्मरक्षा, राष्ट्र की रक्षा तथा मानवता की सेवा कर सकें। इतना ही नहीं, महाराजश्री वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों पर अपना सामयिक चिंतन प्रदान करेंगे। आपश्री का मार्गदर्शन हमेशा समाज को ज़ागरूक करने और राष्ट्रहित में कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।
बैठक का मूल उद्देश्य
इस बैठक का मूल उद्देश्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित व निर्देशित करना है, ताकि वे घर-घर जाकर लोगों को नशे की बुराईयों से अवगत कराएं और उन्हें माता भगवती आदिशक्ति जगत् जननी जगदम्बा की भक्ति व साधना से जोड़ें। सिद्धाश्रम धाम की ऊर्जावान भूमि में होने वाली यह बैठक कार्यकर्ताओं के लिए संकल्प लेने का एक पवित्र अवसर होगी।
समाजसुधार का महायज्ञ
सिद्धाश्रम धाम में आयोजित यह कार्यकर्ता बैठक केवल एक संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं, अपितु समाजसुधार का एक महायज्ञ है। सद्गुरुदेव जी के सान्निध्य में भगवती मानव कल्याण संगठन की यह बैठक व चिंतन का कार्यक्रम निश्चित ही समाज में सकारात्मक बदलाव की नई लहर पैदा करेगा।





























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