ग्रीष्म ऋतु में जरा सा भी बाहर का या बासी खाना खाने पर ‘फूड पॉइजनिंग’, पेचिश (Loose motions) या आंतों में मरोड़ उठना बहुत आम बात है। वहीं दूसरी ओर, पानी की कमी (Dehydration) के कारण कई लोगों को भयंकर कब्ज (Constipation) हो जाती है। आधुनिक दवाइयां दस्त को तुरंत ‘ब्लॉक’ (बंद) कर देती हैं, जिससे इन्फेक्शन पेट के अंदर ही रुक जाता है और बुखार बन जाता है।
प्राकृतिक चिकित्सा में कब्ज और दस्त— दोनों विपरीत बीमारियों का एक ही जादुई इलाज है: ‘ईसबगोल की भूसी’ (Psyllium Husk)।
आंतों का प्राकृतिक स्पंज (Sponge)
ईसबगोल ‘प्लांटागो ओवाटा’ पौधे के बीजों का छिलका है।
यह 100% प्राकृतिक घुलनशील फाइबर (Soluble Fiber) है।
जब यह पेट में जाता है, तो यह पानी को सोखकर एक ‘जेली’ (Jelly) में बदल जाता है।
यह जेली आंतों की खुरदरी और सूखी दीवारों पर एक ठंडी और चिकनी परत (Coating) बना देती है। यह आंतों में जमे पुराने मल को झाड़ू की तरह साफ करती है और पेचिश के बैक्टीरिया को अपने साथ लपेट कर बाहर निकाल देती है।
कार्यकारी संपादक, बृजपाल सिंह चौहान (एन. डी.) नेचुरोपैथी
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