हमारे बारे में
सामाजिक न्याय व्यवस्था की अवधारणा को लेकर चहुंओर व्याप्त भय, भूख, भ्रष्टाचार व शोषणकारी गतिविधियों के विरुद्ध निर्भीक व निष्पक्ष समाचार पत्र के रूप में राष्ट्रीय साप्ताहिक समाचार पत्र ‘संकल्प शक्ति’ का प्रकाशन अपने क्रान्तिकारी भावना से परिपूर्ण उद्देश्य में कितना सफल है, यह तो सुधी पाठक ही बता सकते हैं।
अनेक प्रतिस्पर्धी व व्यावसायिक समाचार पत्रों की भीड़ में लम्बे समय से लाभ-हानि रहित ‘संकल्प शक्ति’ जैसे समाचार पत्र की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। भय, भूख, भ्रष्टाचार व अन्याय, अत्याचार, शोषण के विरुद्ध लेख व समाचारों के माध्यम से आवाज उठाकर जनजागरण फैलाना, जो लोग मजबूरीवश गलत रास्ते में जा रहे हैं उन्हें सचेत कर सत्य-धर्म के रास्ते पर ले जाना, सम्पूर्ण नशामुक्त व मांसाहारमुक्त जीवन का संदेश देना। समाज को यह बताना कि नशा व मांसाहारमुक्त रहने से जहां घरेलू वातावरण संतुलित रहेगा, वहीं समाज सुख-समृद्धि की ओर नित-नये सोपान रचेगा, अन्यथा अभाव व पाप की काली छाया मंडराती रहेगी। अन्यायी, अधर्मी नौकरशाह व पूंजीपतियों द्वारा भ्रष्टाचार का तांडव कर समाज में जो असुरत्व का वातावरण निर्मित किया जा रहा है, जनजाग्रति लाकर शोषण के विरुद्ध कलम पैनी कर उक्त घ्रणित क्रिया-कलापों में रोक लगाना, जो लोग अभावग्रस्तता की वजह से मानसिक रूप से गुलाम हो चुके हैं, उनमें आत्मशक्ति जाग्रत कर स्वाधीनतापूर्ण चौतन्यता लाने हेतु ‘संकल्प शक्ति’ पूरी तरह सजगता से अपना कार्य कर रहा है।
रचनात्मक विचारधारा का पोषक ‘संकल्प शक्ति’ अनवरत रूप से अपने प्रत्येक अंक में अपने संकल्प की शक्ति से पूरी तरह खरा उतरते हुए आज इतने कम समय में ही राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। सुधी पाठकों के प्रेम व स्नेह के कारण पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम से प्रकाशित ‘संकल्प शक्ति’, समाजविरोधी तत्त्वों से संघर्ष करते हुए अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए दृढ़ प्रतिज्ञ है,जिसे कोई भी समाजविरोधी तत्त्व व समूह चाहे वे राजनीतिक व आर्थिक दृष्टि से कितने भी सशक्त क्यों न हों उसमें तोडऩे व खरीदने की क्षमता नहीं।
आज ‘संकल्प शक्ति’ एक आईना है, जिसे देखकर, पढ़कर अपने अन्तर्मन में झांक सकते हैं। सत्य-धर्म के पथ पर अग्रसर ‘संकल्प शक्ति’ भटके हुए लोगों की आत्मशक्ति जाग्रत करने में सफलतम मार्ग प्रशस्त करते हुए उनमें ऐसी चेतना का संचार कर चुका है कि आज वे स्वयं का उदाहरण देकर जनजागरण के माध्यम से समाज को सही दिशा दे रहे हैं। इस तरह आत्मकल्याण व जनकल्याण के लिए दृढ़ संकल्पित ‘संकल्प शक्ति’ का विकल्प कुछ नहीं। ‘संकल्प शक्ति’ निकल चुका है सोते हुए को जगाकर लोगों में स्फूर्ति प्रदान करने के लिए तथा अन्याय, अत्याचार, भ्रष्टाचार व शोषणकारी पोषक तत्त्वों को मुँहतोड़ जवाब देने के लिए।
सम्पादक- पूजा शुक्ला






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