वाराणसी। भगवती मानव कल्याण संगठन एवं पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम ट्रस्ट के संयुक्त तत्त्वावधान में दिनांक 3-4 सितम्बर 2022 को पंचायती बाग, नाटी इमली ग्राउंड, पुलिस चौकी के पास, वाराणसी (उ.प्र.) में 24 घण्टे के श्री दुर्गाचालीसा अखण्ड पाठ का जि़लास्तरीय कार्यक्रम भव्यतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
समापन अवसर पर भारतीय शक्ति चेतना पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष शक्तिस्वरूपा बहन सिद्धाश्रमरत्न संध्या शुक्ला जी ने दिव्य अनुष्ठान में उपस्थित जनसमुदाय को सम्बोधित करते हुए कहा ”काशी की पावन धरती जहाँ बाबा विश्वनाथ विराजमान हों, जो भोलेनाथ आदियोगी हैं, धर्मयोगी कहे जाते हैं और जिन्होंने इस बह्मांड की रक्षा के लिए विष का पान किया। लेकिन, उस विष को अपने गले से नीचे नही जाने दिया। आख़्िार क्यों? इसलिए कि हृदय में मानवता वास करती है। यदि नशा मानवता तक पहुंच गया, तो यह विनाशकारी होगा और आज लोग भोलेनाथ के नाम पर गांजा, भांग, धतूरे के रूप में नशे का सेवन करते हैं।
भगवती मानव कल्याण संगठन का लक्ष्य है नशामुक्त समाज का निर्माण, क्योंकि जब समाज नशामुक्त होगा, तभी वह अपराधमुक्त होगा। यह सर्वविदित है कि सद्गुरुदेव श्री शक्तिपुत्र जी महाराज के सान्निध्य में आकर उनके आशीर्वाद के फलस्वरूप अब तक करोड़ों लोग नशामुक्त होकर अपने जीवन में परिवर्तन ला रहे हैं। संगठन के एक लाख से अधिक कार्यकर्ता समाज को नशामुक्त बनाने के लिए प्रतिदिन कार्य कर रहे हैं।
आपने कहा कि ”पंचज्योति शाक्तितीर्थ सिद्धाश्रम में 15/04/1997 से अनवरत अनन्तकाल के लिए श्री दुर्गाचालीसा का अखण्ड पाठ चल रहा है और वह धाम आने वाले समय मे विश्व की धर्मधुरी कहलायेगा। तीसरी धारा-भारतीय शक्ति चेतना पार्टी, जिसका लक्ष्य समाजसेवा है, राष्ट्र की रक्षा करना है और इस पार्टी के सभी कार्यकर्ता, प्रत्याशी नशे-मांस से मुक्त हंै, चरित्रवान् हैं तथा वे समाज के उत्थान के लिए कार्य कर रहे हैं। तो आइए, इन तीनों धाराओं से जुड़कर मानवता की सेवा, धर्मरक्षा और राष्ट्ररक्षा के लिए कार्य करें, जिससे एक बार पुन: हमारे देश को विश्वधर्मगुरु बनने का सौभाग्य प्राप्त हो सके।

भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सिद्धाश्रमरत्न सौरभ द्विवेदी (अनूप भइया) जी ने सारगर्भित शब्दों में कहा कि ”सद्गुरुदेव श्री शक्तिपुत्र जी महाराज एक ऋषि हैं, जिनके सातों चक्र जाग्रत् हैं और वे किसी भी असंभव कार्य को सम्भव कर सकते हैं तथा जिन्होंने विश्वअध्यात्मजगत् को अपने तपबल की चुनौती दी है, ऐसे सच्चिदानंदस्वरूप गुरुवर को पहचानने की ज़रूरत है। जिनकी चेतनतरंगो के प्रभाव से समाज में तेजी के साथ परिवर्तन आ रहा है। यह धरती कभी भी ऋषियों से विहीन नहीं रही और उन्हीं के तपबल से समाज मे परिवर्तन आया है। अपने उद्बोधन के अंत में अनूप जी ने पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम में 3,4,5 अक्टूबर 2022 को आयोजित होने वाले शक्ति चेतना जनजागरण शिविर, महाशक्ति शंखनाद में सभी को सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित किया।
उद्बोधनक्रम के उपरान्त, भगवती मानव कल्याण संगठन की शाखा वाराणसी के कोषाध्यक्ष डॉ. रामबाबू सेठ जी ने उपस्थित भक्तों के प्रति आभार व्यक्त किया। पश्चात् शक्तिजल और प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम का संचालन संगठन के केन्द्रीय प्रवक्ता रमेशचन्द्र मिश्रा जी ने किया





























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