जबलपुर। जबलपुर के दमोह नाका स्थित न्यू लाइफ मल्टीसिटी हॉस्पिटल को क्लीन चिट देने के मामले में हाई कोर्ट ने सख्ती दिखाई है और हाई कोर्ट की फटकार के बाद राज्य सरकार ने 22 दिन बाद न्यू लाइफ मल्टी सिटी हॉस्पिटल को निरीक्षण के दौरान क्लीन चिट देने वाले तीन डॉक्टरों पर कार्यवाही करते हुए दो डॉक्टरों को निलंबित कर दिया है, जबकि टीम के तीसरे सदस्य से कारण बताओ नोटिस देकर जवाब मांगा है। इस पर 24 अगस्त को फिर सुनवाई होगी। हाई कोर्ट में यह याचिका लॉ स्टूडेंट एसोसिएशन मध्यप्रदेश के अध्यक्ष विशाल बघेल की तरफ से दायर की गई है।
मध्यप्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने अग्निकांड मामले पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग को जमकर फटकार भी लगाई है। हाईकोर्ट ने साफ-साफ शब्दों में कहा है कि अगर जांच में एक ही तरह का ढुलमुल रवैया चलता रहेगा तो यह जांच सीबीआई या एसआईटी को सौंपी जाएगी। हाईकोर्ट की फटकार के बाद राज्य सरकार बैकफुट में आ गई है। हाईकोर्ट ने 02 दिन बाद शपथ पत्र के साथ राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
एक अगस्त को लगी थी भीषण आग
जबलपुर के दमोह नाका स्थित मल्टी सिटी हॉस्पिटल में 01 अगस्त की दोपहर अचानक भीषण आग लग गई थी। आग में जलने से 08 लोगों की मौत हुई थी, जबकि कुछ लोग बुरी तरह झुलस भी गए थे। जांच के दौरान अस्पताल में कई तरह की खामियां भी पाई गई। लॉ स्टूडेंट एसोसिएशन ने इस मामले में याचिका दायर कर हाई कोर्ट को बताया था कि इस अग्निकांड हादसे के पहले तीन डॉक्टरों की टीम ने न्यू लाइफ मल्टी सिटी हॉस्पिटल की जांच कर इसे क्लीन चिट दी थी।
अग्निकांड हादसे के बाद जबलपुर कलेक्टर के निर्देश पर एक नई टीम का गठन किया गया है जिसमें कि 3 डॉक्टर सहित एक फायर सेफ्टी ऑफिसर और एक इलेक्ट्रिशियन ऑफिसर होंगे। यह टीम जबलपुर जि़ले की 136 अस्पतालों की हर स्तर से जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट कलेक्टर डॉक्टर इलैयाराजा टी को देगी। टीम मे फायर ऑफिसर, इलेक्ट्रीशियन ऑफिसर के अलावा डॉ. अमिता जैन, डॉ. आदर्श विश्नोई और डॉ. तरुण अहरवाल शामिल हैं।




























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