संकल्प शक्ति, अलोपी शुक्ला। चैत्र नवरात्र प्रकृतिसत्ता मातेश्वरी दुर्गा की आराधना का पर्व है और इस पावन अवसर पर आध्यात्मिकस्थली पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम धाम में वृक्षारोपण एक अनुकरणीय क़दम है और इससे निश्चय ही पर्यावरण को नई संजीवनी मिलेगी।
सिद्धाश्रम धाम में बरगद, पीपल, नीम, तुलसी आदि औषधीय पौधों का रोपण साक्षात प्रकृतिसत्ता की आराधना करने के बराबर है, क्योंकि ये वृक्ष शुद्ध वायु और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। हरीतिमा संवर्धन के लिए अन्य पर्वों की तरह चैत्र नवरात्र पर्व पर भी तृतीया तिथि, दिनांक 21 मार्च 2026 को सद्गुरुदेव श्री शक्तिपुत्र जी महाराज के सान्निध्य में पूजनीया शक्तिमयी माता जी, शक्तिस्वरूपा बहन संध्या शुक्ला जी, सिद्धाश्रम चेतना अधीश जी और शिष्यों-भक्तों ने श्री दुर्गाचालीसा पाठ मंदिर के पीछे रिक्तभूमि पर विभिन्न औषधीय पौधों का रोपण किया।
ऋषिवर सद्गुरुदेव श्री शक्तिपुत्र जी महाराज के द्वारा की गई यह पहल समाज के लिए एक बहुत बड़ा संदेश है। ग्लोबल वार्मिंग और बढ़ते प्रदूषण के वर्तमान काल में सिद्धाश्रम धाम से शुरू हुआ यह हरित अभियान समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। सिद्धाश्रम की तरह यदि सभी धार्मिक-आध्यात्मिकस्थलों को पर्यावरण संरक्षण से सम्बद्ध कर दिया जाए, तो देशभर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो सकता है।
पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम पर नवरात्र पर्व पर किया गया वृक्षारोपण हमें यह संदेश देता है कि जब प्रकृति सुरक्षित रहेगी, तभी मानवता बचेगी और तभी हमारा सनातनधर्म सुरक्षित रहेगा।





























Views Today : 32
Views Last 7 days : 259
Views Last 30 days : 1299
Views This Year : 7061
Total views : 107534
Who's Online : 1
Your IP Address : 216.73.217.31