संकल्प शक्ति। गुलाब का फूल न केवल मनुष्य के शरीर के विकास के लिए कई जरूरी विटामिनों और रसायनों एवं विभिन्न अवसरों पर शोभा बढ़ाने के लिये महत्त्वपूर्ण है, बल्कि यह संक्रमणरोधी गुण भी रखता है।
जिन लोगों को मूत्राशय संबंधी समस्या होती है उनके लिए गुलाब का सेवन लाभकारी होता है, क्योंकि गुलाब में संक्रमण रोधी गुण पाए जाते है। गुलाब उत्पाद का सेवन करने वालों को गुर्दे की पथरी होने की आशंका भी कम होती है।
गुलाब अतिसार रोकने में और हड्डियों को मजबूत बनाने में भी मददगार होता है। इसकी पंखुडिय़ों में आयरन, कैल्शियम, नियासिन और फारफोरस जैसे तत्व पाए जाते है। जिन लोगों के दांतों मे तकलीफ रहती है उन्हें गुलाब से फायदा पहुंचता है।
विशेषज्ञों का कहना हे कि गुलाब की प्रवृति शीतलकारी होती है। यही वजह है कि आंखों में जलन होने पर गुलाब जल डालने से ठंडक का अहसास होता है। इसका यही गुण रक्त स्राव और त्वचा की जलन रोकने में मददगार साबित होता है इसके अलावा खुशबू के लिए भी गुलाब जल और गुलाब जल के अर्क का इस्तेमाल किया जाता है।
साथ ही गुलाब की पंखुडिय़ों में विटामिन ई. डीब -4 और ए तथा एस्काॢबक एसिड. मैलिक एसिड. बायोफलेवोनायड. साइट्रिक एसिड. ङ्क्षजक. टेनिस तथा फ्रंटोज बहुतायत में पाए जाते है। इन रसायनों की वजह से ही गुलाब में संक्रमण रोधी गुण होता है।
अत: गुलाब का उत्पाद कर सेवन करना चाहिये। गुलाब के उत्पाद का सेवन सेहत के लिए उपयोगी होता है। दिल की बीमारी. अल्सर. पित्त. अपच. और तंत्रिकाओं संबंधी समस्याओं को दूर करने में गुलाब की पंखुडिय़ों से बनाई गई औषधि लाभकारी होती है। त्वचा के लिए तो गुलाब जल अपने संक्रमण रोधी गुण के कारण टॉनिक साबित होता है।





























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