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कोकम और फालसा: गर्मियों में लू से बचाने वाले हमारे ‘लुप्त’ प्राकृतिक पेय

जैसे-जैसे आधुनिकता बढ़ी है, हमारी रसोई से बहुत से ऐसे पारंपरिक और औषधीय शर्बत गायब हो गए हैं, जो कभी गर्मियों में हर घर की शान हुआ करते थे। आज हम फ्रिज में रंगीन बोतलों वाले शर्बत और कोला ड्रिंक्स भर लेते हैं, लेकिन ‘फालसा’ और ‘कोकम’ जैसे प्राकृतिक फलों को भूल गए हैं। प्राकृतिक चिकित्सा में इन दोनों फलों को गर्मियों का ‘संजीवनी रस’ कहा जाता है। ये न केवल शरीर को हाइड्रेट करते हैं, बल्कि भयंकर लू (Heatwave) से भी 100% सुरक्षा देते हैं।

कोकम (Kokum): पेट की आग बुझाने वाला रक्षक

कोकम (गार्सीनिया इंडिका) गहरे लाल-काले रंग का एक खट्टा फल है। गर्मियों में जब बच्चों या बड़ों को भूख लगनी बंद हो जाती है और कुछ भी खाने पर पेट में भारीपन या उल्टी का मन होता है, तो कोकम का शर्बत जादू की तरह काम करता है।

एसिडिटी का काल: यह दुनिया का सबसे बेहतरीन प्राकृतिक ‘एंटासिड’ है। यह पेट के एसिड को तुरंत शांत करता है और गर्मी के कारण होने वाले त्वचा के चकत्तों (Rashes) को रोकता है।

फालसा: खून की कमी और थकान का इलाज

छोटे-छोटे जामुनी रंग के फालसे दिखने में साधारण लगते हैं, लेकिन इनमें एंटीऑक्सीडेंट्स का भंडार होता है। यह खून को साफ करता है और धूप के कारण होने वाले सिरदर्द को कुछ ही मिनटों में ठीक कर देता है।

मेरी राय में: अपने बच्चों को अपनी सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर से परिचित कराएं। बाजार के डिब्बाबंद रसायनों को छोड़ें और कोकम, फालसा या बेल जैसे फलों को वापस अपनी रसोई में लाएं। प्रकृति के ये असली स्वाद आपकी ‘जीवनी शक्ति’ को स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रखेंगे।

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