नई दिल्ली। चिकित्सा विज्ञान में अब तक यह माना जाता था कि हमारे शरीर की ‘बी सेल्स’ का मुख्य काम केवल संक्रमण से लड़ना और एंटीबॉडी तैयार करना है, लेकिन वैज्ञानिकों के द्वारा हाल ही में किए गए एक शोध ने इस धारणा को बदल दिया है। शोध के अनुसार, बी सेल्स की कमी से न केवल शरीर की इम्यूनिटी कमज़ोर होती है, बल्कि इसका सीधा असर मांसपेशियों की बनावट और व्यक्ति की फिजिकल स्टेमिना (सहनशक्ति) पर भी पड़ता है।
जर्नल ऑफ़ क्लिनिकल इन्वेस्टिगेशन में छपी रिपोर्ट के अनुसार, बी सेल्स मांसपेशियों के ऊतकों के रखरखाव में सक्रिय भूमिका निभाती हैं। जब शरीर में इन कोशिकाओं की कमी होती है, तो मांसपेशियों की मरम्मत की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। वैज्ञानिकों ने पाया कि जिन लोगों में बी सेल्स का स्तर कम था, उनके शरीर में थकान जल्दी महसूस हुई और मांसपेशियों में होने वाली टूट-फूट की रिकवरी में अधिक समय लगा।
सहनशक्ति में गिरावट
शोधकतार्ओं ने अपने अध्ययन में देखा कि बी सेल्स कुछ खास प्रकार के प्रोटीन और सिग्नलिंग मॉलिक्यूल्स रिलीज करती हैं, जो मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करते हैं। इनकी अनुपस्थिति में शरीर ऊर्जा का सही इस्तेमाल नहीं कर पाता, जिससे व्यायाम या भारी काम करते समय व्यक्ति जल्दी थक जाता है। सरल शब्दों में कहें तो, बी सेल्स की कमी आपको सुस्त और शारीरिक रूप से कमजोर बना सकती है।
अतिमहत्त्वपूर्ण है यह खोज
यह रिसर्च उन लोगों के लिए बेहद अहम है, जो बढ़ती उम्र के साथ मांसपेशियों के नुक़सान या पुरानी बीमारियों से जूझ रहे हैं। अब तक मांसपेशियों की कमज़ोरी के लिए केवल प्रोटीन की कमी या एक्सरसाइज के अभाव को ज़िम्मेदार माना जाता था, लेकिन अब इम्यून सिस्टम के इस पहलू पर भी डॉक्टर ध्यान दे सकेंगे।




























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