जून की तपती दोपहरी में शरीर से पसीना बहना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जो शरीर के तापमान को नियंत्रित रखती है। लेकिन इस पसीने के साथ हमारे खून के बहुत ही महत्वपूर्ण इलेक्ट्रोलाइट्स (जैसे सोडियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम) भी बाहर बह जाते हैं। यही कारण है कि ज्यादा पसीना आने पर पैरों में ऐंठन (Cramps), चक्कर आना और ब्लड प्रेशर लो (Low BP) होने की शिकायत होती है।
इन खनिजों की तुरंत भरपाई के लिए दुनिया का कोई भी ‘स्पोर्ट्स ड्रिंक’ या ‘एनर्जी ड्रिंक’ नारियल पानी की बराबरी नहीं कर सकता।
मानव रक्त के समान है नारियल पानी
क्या आप जानते हैं कि नारियल पानी की रासायनिक संरचना (Chemical Composition) हमारे खून के प्लाज्मा से बहुत मिलती-जुलती है? द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जब सलाइन वॉटर (IV Drip) की कमी हो गई थी, तो घायल सैनिकों को सीधे नारियल पानी चढ़ाया गया था।
•जब हम गर्मियों में नारियल पानी पीते हैं, तो शरीर को इसे पचाने के लिए कोई ऊर्जा नहीं लगानी पड़ती। यह पीते ही तुरंत खून में घुल जाता है और डिहाइड्रेशन से मुर्झाए हुए शरीर में एक नई जान फूंक देता है।
कार्यकारी संपादक, बृजपाल सिंह चौहान (एन. डी.) नेचुरोपैथी
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