संकल्प शक्ति। दिनांक 20 अक्टूबर 2025, समूचे देश के साथ ऋषिवर सदगुरुदेव परमहंस योगीराज श्री शक्तिपुुत्र जी महाराज की साधनात्मक तपस्थली पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम में भी पूजनीया शक्तिमयी माता जी के ममत्व व शक्तिस्वरूपा बहनों की स्नेहिल छांव तले भारतीय आध्यात्मिक संस्कृति के अनुरूप अतिमनोरम वातावरण में ज्योति का पर्व दीपावली हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया।
सिद्धाश्रमवासी और हज़ारों की संख्या में सिद्धाश्रम पहुँचे गुरुभाई-बहन व ‘माँ’ के भक्तों ने ज्योति पर्व की प्रात:कालीन बेला में मूलध्वज व श्री दुगार्चालीसा अखंड पाठ मंदिर में दिव्य आरती का लाभ प्राप्त करने के साथ ही सद्गुरुदेव जी महाराज के चरणस्पर्श करके आशीर्वाद प्राप्त किया।
शाम होते ही सभी गुरुभाई-बहन व भक्त एक बार पुन: परमेश्वरी और सहायक शक्तियों की पूजा-अर्चना के बाद ऋषिवर से आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। साथ ही, शक्तिस्वरूपा बहन ज्योति शुक्ल जी के करकमलों से सभी ने आशीर्वादस्वरूप 20-20 रुपये की धनराशि प्राप्त करने के साथ प्रसादरूप में मिष्टान्न- जलेबी, पेड़ा व लाई प्राप्त किया।
पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम में भक्तों ने जिस तरह की अलौकिक अनुभूति प्राप्त की, अन्यत्र मिलना दुर्लभ है। सायंकालीन बेला; श्री दुर्गाचालीसा अखण्ड पाठ मंदिर, मूलध्वज साधना मंदिर, निर्माणाधीन महाशक्तियज्ञस्थल मंदिर व समूचे धाम में दीपमालाओं की जगमगाती रोशनी के बीच, मातेश्वरी की स्तुति, सद्गुरुदेव जी महाराज का आशीर्वाद। संध्या बेला में आपश्री के द्वारा मूलध्वज साधना मंदिर मेंं माता भगवती की पूजा-अर्चना। इसी बीच आसमान में सतरंगी फुलझड़ियाँ छूटती रहीं। परम पूज्य गुरुवरश्री मूलध्वज साधना मंदिर में माता भगवती की पूजा-अर्चना करने के बाद स्वामी जी की समाधि पर गये और समाधिस्थल की परिक्रमा की, पश्चात् त्रिशक्ति गौशाला पहुंचे और गायों की पीठ पर स्नेहिल हाथ फेरते हुये उन्हें पूड़ियाँ खिलाईं। पूजनीया शक्तिमयी माता जी भी इन सभी क्रमों में शामिल रहीं।





























Views Today : 9
Views Last 7 days : 274
Views Last 30 days : 856
Views This Year : 3350
Total views : 103823
Who's Online : 0
Your IP Address : 216.73.216.139