छतरपुर। मध्यप्रदेश के छतरपुर ज़िले के विस्थापित गांव ढोढन में केन-बेतवा लिंक परियोजना के डूब क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक और पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने अचानक पथराव कर दिया। बुधवार और गुरुवार को हुई इस हिंसक झड़प में शासकीय वाहनों और एक जेसीबी मशीन को क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। स्थिति को बिगड़ते हुए देखकर पुलिस को जवाबी कार्रवाई में आंसू गैस के गोले दागने पड़े और सुरक्षा के दृष्टिकोण से 500 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
मुआवजे में विसंगति : जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन की टीम पुलिस बल के साथ ढोढन गांव में विस्थापित परिवारों के मकानों को ढहाने की कार्रवाई करने पहुंची थी। जैसे ही एक आदिवासी परिवार का मकान गिराया गया, ग्रामीण आक्रोशित होगए। ग्रामीणों और प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि गांव के लगभग 40 प्रतिशत मकानों के मुआवजे का मूल्यांकन ग़लत और बेहद कम आंकी गई है। बिना किसी नए पुनर्मूल्यांकन और विसंगतियों को सुधारे बिना प्रशासन द्वारा घर तोड़े जाने की कार्रवाई का ग्रामीणों ने पुरजोर विरोध किया।
उचित मुआवजे की मांग : प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक न्यायसंगत और उचित मुआवजा नहीं मिलेगा, वे पीछे नहीं हटेंगे, चाहे उनकी जान चली जाए।
पुलिस के द्वारा गिरफ़्तारी : पुलिस प्रशासन ने पथराव करने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। किशनगढ़ थाना पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा डालने और हिंसा फैलाने के मामले में 38 नामजद आरोपियों में से अब तक 31 लोगों को गिरफ्तार कर हिरासत में ले लिया





























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