नई दिल्ली। देश में वैवाहिक विवादों और पारिवारिक तनाव का एक डरावना चेहरा सामने आया है। पुरुष अधिकार संगठनों और ‘एकम न्याय फाउंडेशन’ के द्वारा जारी चालू वर्ष 2026 की छमाही रिपोर्ट (1 जनवरी से 14 जुलाई 2026 तक) के आंकड़ों के मुताबिक, पत्नियों के द्वारा पतियों की हत्या करने या भाड़े के हत्यारों से कराने के मामलों में उत्तरप्रदेश देश में शीर्ष पर बना हुआ है, जबकि मध्यप्रदेश दूसरे स्थान पर है।
आंकड़ों के अनुसार, देशभर में इस अवधि के दौरान पतियों की हत्या के कुल 322 मामले सामने आए हैं। जिनमें सबसे ज़्यादा 93 मामले उत्तरप्रदेश में दर्ज़ किए गए हैं। इसके साथ ही, घरेलू प्रताड़ना और क़ानूनी मुक़दमों के डर से पतियों के द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामलों में भी उत्तरप्रदेश 103 मामलों के साथ सबसे आगे है।
इसी प्रकार मध्यप्रदेश में बीते छह महीनों में पति की हत्या के 36 सनसनीखेज मामले सामने आए हैं। इंदौर, उज्जैन और मंदसौर जैसी जगहों से आए मामलों ने सुरक्षा एजेंसियों को भी चौंका दिया है। बचे हुए 193 मामले देश के अन्य राज्यों से सामने आए हैं।
आख़िर क्यों कातिल बन रही हैं पत्नियां?
रिपोर्ट में इन हत्याओं के पीछे के मुख्य कारणों का भी विश्लेषण किया गया है।
अवैध सम्बंध: कुल मामलों में से 60.2 प्रतिशत (194 मामले) ऐसे पाए गए जहां पत्नियों ने अपने कथित प्रेमियों के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने की साजिश रची या ‘सुपारी किलिंग’ का सहारा लिया।
घरेलू और आपसी विवाद: करीब 88 हत्याओं की वजह गंभीर वैवाहिक कलह, रोज-रोज के झगड़े और पारिवारिक रंजिश रही।




























Views Today : 26
Views Last 7 days : 201
Views Last 30 days : 673
Views This Year : 9234
Total views : 109707
Who's Online : 0
Your IP Address : 162.251.85.8