भोपाल। मध्यप्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले माफ़ियाओं पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद प्रदेश में पेपर लीक मामलों के त्वरित निस्तारण और दोषियों को सख्त सजा दिलाने हेतु चार फास्ट ट्रैक कोर्ट (त्वरित न्यायालय) का गठन कर दिया गया है। इन विशेष अदालतों के गठन का मुख्य उद्देश्य पेपर लीक और भर्ती घोटालों से जुड़े मुकदमों की रोजाना सुनवाई कर अपराधियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाना है।
सरकार ने प्रारम्भिक चरण में प्रदेश के चार प्रमुख संभागों—भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में इन विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों को स्थापित करने का निर्णय लिया है। इन अदालतों में पेपर लीक, फर्जी परीक्षार्थी बैठाने (सॉल्वर गैंग) और परीक्षा से जुड़ी डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों की सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी, ताकि महीनों तक चलने वाले मुकदमों का फैसला कुछ ही हफ्तों में हो सके।





























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