भारतीय शक्ति चेतना पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष शक्तिस्वरूपा बहन संध्या शुक्ला जी ने कहा है कि ‘2026-27 का बजट यद्यपि देश के विकास के परिप्रेक्ष्य में है, लेकिन ग़रीब व मध्यम वर्ग को बढ़ती ही जा रही मंहगाई से राहत दिलाने की दिशा में कोई पहल परिलक्षित नहीं है।’आपने कहा कि ‘जब तक देश को नशामुक्त किए जाने की घोषणा नहीं की जाती, तब तक विकास की बात करना और उसमें अरबों-खरबों रुपए खर्च करना बेमानी है। बजट को लेकर प्रधानमंत्री नारीशक्ति के शसक्तीकरण की बात करते हैं, तो क्या नशे के कारोबार के चलते नारी शसक्तीकरण संभव है? सरकार द्वारा चलाए जा रहे शराब के कारोबार से सबसे अधिक महिलाएं, बच्चियाँ प्रताड़ित हो रही हैं।
यदि यह कहा जाए कि प्रस्तुत केंद्रीय बजट दिशाहीन है और इसमें दूरदर्शिता का अभाव है, तो अतिशयोक्ति न होगी।





























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