लखनऊ। जैश-ए-मोहम्मद के फरीदाबाद माड्यूल द्वारा दिल्ली में बम विस्फोट की घटना को अंजाम देने के बाद उत्तरप्रदेश में सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी जांच तेज कर दी है। खासकर आतंकियों के लोकल हाइडआउट्स (शरणगाहों) को तलाशा जा रहा है। प्रदेश में एजेंसियों के रडार पर 250 से अधिक कश्मीरी मूल के डॉक्टर और छात्र हैं, जिनकी हर गतिविधि पर नज़र रखी जा रही है। वहीं आधा दर्जन से अधिक अल्पसंख्यक शैक्षिणिक संस्थान भी जांच के दायरे में हैं।
सूत्रों की मानें तो फरीदाबाद माड्यूल का खुलासा होने के बाद आतंकियों का प्रदेश के कई ज़िलों से कनेक्शन सामने आ चुका है। खासतौर पर कश्मीर के निवासी ऐसे डॉक्टर जो प्रदेश के मेडिकल कॉलेज में कार्यरत है अथवा मेडिकल की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, उनका ब्योरा जुटाने के साथ गतिविधियां भी परखी जा रही है।




























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