दशहरा के पावन पर्व पर ऐसी कई मान्यताएं है, जो लाभकारी और शुभ मानी जाती हैं। ऐसी ही एक मान्यता है कि दशहरा के दिन यदि आपको नीलकंठ पक्षी के दर्शन होजायें, तो वह अत्यंत शुभ होता है।
05 अक्टूबर को पूरे देश में बड़े धूमधाम से दशहरा उत्सव मनाया जायेगा। दशहरा यानि विजयदशमी के त्यौहार पर रावण दहन करते हैं और खुशियां मनाते हैं। दशहरा के पावन पर्व पर ऐसी कई मान्यताएं हैं, जो लाभकारी और शुभ मानी जाती हैं। ऐसी ही एक मान्यता है कि दशहरा के दिन यदि आपको नीलकंठ पक्षी के दर्शन होजायें तो वह अत्यंत शुभ होता है। कहते हैं कि नीलकंठ पक्षी के दर्शन से आपके सभी बिगड़े काम सही होने के साथ जीवन में सुख समृद्धि का भी पदार्पण होता है।
नीलकंठ दर्शन का महत्त्व
नीलकंठ पक्षी को भगवान् का प्रतिनिधि माना गया है। दशहरा पर इसके दर्शन होने से धन और संपत्ति में बढ़ोतरी होती है। मान्यता है कि दशहरा के दिन किसी भी समय नीलकंठ पक्षी दिख जाए, तो इससे घर में खुशहाली आती है और वहीं जो काम करने जा रहे हैं उसमें सफलता मिलती है।
क्यों शुभ है नीलकंठ दर्शन
पुराणों के अनुसार, जब भगवान् श्रीराम, रावण का वध करने जा रहे थे, उसी समय उन्हें नीलकंठ पक्षी के दर्शन हुए थे। इसके बाद रावण पर विजय प्राप्त हुई थी। यही कारण है कि इस पक्षी का दिखना शुभ माना जाता है। कहते हैं कि श्री राम ने इस पक्षी के दिखने के बाद ही रावण पर विजय प्राप्त की थी।
विजयदशमी का पर्व जीत का पर्व है। विजयदशमी पर नीलकंठ पक्षी के दर्शनों की परंपरा त्रेतायुग से जुड़ी हुई है। लंका पर विजय प्राप्त करने के बाद, जब श्रीराम को ब्राह्मण हत्या का पाप लगा था, उस समय उन्होंने अपने भाई लक्ष्मण के साथ भगवान् शिव की पूजा-अर्चना की थी और ब्राह्मण हत्या के पाप से खुद को मुक्त कराया।
नीलकंठ का अर्थ
नीलकंठ अर्थात् जिसका गला नीला हो। माना जाता है कि यह पक्षी भगवान् शिव का ही रूप है और वे नीलकंठ पक्षी का रूप धारण कर विचरण करते हैं। इस दिन सभी लोग अपने शस्त्रों का पूजन भी करते हैं।




























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