नई दिल्ली। नासा का कहना है कि हमारे ब्रह्मांड में आश्चर्यजनक और अविश्वसनीय-सा कुछ हो रहा है। यह जानकारी हबल स्पेस टेलीस्कोप से एकत्र किए गए आंकड़ों का अध्ययन कर रहे वैज्ञानिकों ने साझा की है। वैज्ञानिकों को विश्वास नहीं हो रहा है कि वास्तव में हो क्या रहा है? वे केवल इतना जानते हैं कि कुछ अद्भुत हो रहा है। उन्होंने एक प्रेस विज्ञप्ति में समझाया कि इस विसंगति का कारण एक रहस्य बना हुआ है, लेकिन हबल डेटा विभिन्न प्रकार की ब्रह्मांडीय वस्तुओं को शामिल करता है जो दूरी मार्कर के रूप में काम करते हैं, इस विचार का समर्थन करते हैं कि कुछ अजीब चल रहा है।
ब्रह्मांड का विस्तार कितनी तेजी से हो रहा है, ब्रह्मांड में जो घटित हो रहा है उसका इससे कोई लेना-देना नहीं है। ब्रह्मांड के विस्तार की संभावनाएं थीं, लेकिन यह भविष्यवाणी की तुलना में बहुत तेज गति से आगे बढ़ रहा है। वे जितने अधिक आंकड़े एकत्र करते हैं, उतने ही अधिक विश्लेषणों से पता चलता है कि अन्य आकाशगंगाएं हमारी आकाशगंगा (मिल्की वे) से तेजी से दूर जा रही हैं।
नासा वैज्ञानिक अभी इस अविश्वसनीय-सी ब्रह्मांडीय घटना के कारण का पता नहीं लगा पाए हैं। हम अब तक जानते हैं कि ब्रह्मांड पदार्थ से भरा है और गुरुत्वाकर्षण की आकर्षक शक्ति उस सभी पदार्थ को एक साथ खींचती है। पृथ्वी के त्वरण को जो प्रभावित करता है, उसे डार्क एनर्जी कहा जाता है, लेकिन हम नहीं जानते कि यह इसे कैसे प्रभावित करता है।
कितनी तेजी से विस्तार ले रहा है ब्रह्मांड?
ब्रह्मांड के विस्तार की व्याख्या अभी भी एक रहस्य बनी हुई है। हम जानते हैं कि ब्रह्मांड का लगभग 68 प्रतिशत हिस्सा डार्क एनर्जी है। पृथ्वी पर सब कुछ ब्रह्मांड का केवल 5 प्रतिशत से भी कम है। हम इतने छोटे अंश हैं ब्रह्मांड की इस ऊर्जा का! हबल स्पेस टेलीस्कोप तकनीक ने नासा को ब्रह्मांड को समझने की प्रगति में बहुत सहायता की है। यह शक्तिशाली उपकरण सितारों की बीच की दूरियों को माप सकता है और यह पता लगाने के लिए बड़े पैमाने पर मिशन स्तर पर काम कर रहा है कि हमारा ब्रह्मांड कितनी तेजी से विस्तार ले रहा है। हबल स्पेस टेलिस्कॉप तकनीक से मिली जानकारी के बाद वैज्ञानिकों का विश्लेषण है कि ब्रह्मांड एक समान दर से विस्तार नहीं ले रहा है।
शोध कर रहे हैं वैज्ञानिक
वैज्ञानिक वर्तमान में माइलपोस्ट मार्केट्स नामक स्थान और समय के एक सेट पर इस अद्भुत घटना का अध्ययन कर रहे हैं। स्पेस टेलीस्कोप साइंस के एडम रीस का मानना है कि ये माप अब पहले से कहीं अधिक सटीक हो रहे हैं। उनका कहना है कि आपको टेलीस्कोप और कॉस्मिक मील मार्करों के स्वर्ण मानक से वैज्ञानिक के लिए विस्तार दर का सबसे सटीक माप मिल रहा है।
अब तक हम यह जानते हैं कि हबल डेटा के आधार पर ब्रह्मांड में कुछ अविश्वसनीय चल रहा है। वैज्ञानिक की शुरुआत कैसे हुई और इसकी उत्पत्ति कहां से हुई, इसका अध्ययन अभी भी एक रहस्य है?
… अभी उसकी खोज होना है
ब्रह्मांड विस्तार की अद्भुत आँख-मिचौली की किसी ने कभी कल्पना नहीं की थी, और कोई नहीं जानता कि इसे कैसे समझा जाए? लेकिन इसकी समझ के कुछ संकेत मिलने लगे हैं। ब्रह्मांड में आश्चर्यचकित करने वाली मानवबुद्धि की समझ की पहुँच के बाहर जो घटित हो रहा है, उसका पृथ्वी और उसके जीवन पर क्या प्रभाव पडऩे वाला है, अभी उसकी खोज होना है?




























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