आयकर विभाग द्वारा जारी किया जाने वाला पैन कार्ड केवल टैक्स भरने के लिए ही नहीं, बल्कि एक अनिवार्य पहचानपत्र और वित्तीय लेनदेन का आधार है। अक्सर लोग इसे केवल एक कार्ड मानते हैं, लेकिन इस पर लिखे 10 अंकों के अल्फान्यूमेरिक नंबर में आपकी पूरी वित्तीय प्रोफाइल छिपी होती है।
पैन कार्ड के पहले तीन डिजिट अंग्रेज़ी के रैंडम अल्फाबेटिक सीरीज होते हैं। ये विभाग द्वारा निर्धारित एक शृंखला का हिस्सा होते हैं। चौथा अक्षर सबसे महत्त्वपूर्ण अक्षर है, जो बताता है कि कार्डधारक आयकर विभाग की नज़र में क्या है? पाँचवां अक्षर व्यक्तिगत कार्डधारक के उपनाम का पहला अक्षर होता है।
छठे से नौवाँ, ये चार अंक एक संख्यात्मक शृंखला होते हैं, जो उस समय चल रहे बैच को दर्शाते हैं।
दसवां और अंतिम अक्षर एक ‘चेक डिजिट’ होता है, जो पिछले नौ अंकों पर एक विशिष्ट गणितीय सूत्र लागू करके उत्पन्न किया जाता है, ताकि पैन की प्रामाणिकता की पुष्टि की जा सके।




























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