अक्सर लोग पेन किलर खाकर सिरदर्द से निजात पा लेना चाहते हैं, लेकिन सिर दर्द किसी रोग का लक्षण भी हो सकता है। अक्सर देखा गया है कि सिर दर्द या माईग्रेन का दर्द महिलाओं में ज़्यादा होता है, क्योंकि जिगर या पिताशय में खराबी, पेट में गैस, कब्ज, गर्दन के भाग में रीढ़ की हड्डी में कोई विकार, हाई ब्लडप्रैशर, पुराना जुकाम, नजला, कान या दांत का दर्द, नसों में खिंचाव, सिर में चोट लगना, ट्यूमर, तिल्ली का बढ़ना, मानसिक अशांति, मौसम का प्रभाव, अधिक गर्मी या हवा लगना, ठंडक से अचानक गर्म कमरे में आना, दिमागी काम अधिक करना, आंखों पर अधिक जोर डालना, नज़र की कमज़ोरी, अधिक चिंता, अधिक मेहनत करना आदि कारणों से भी सिर दर्द होता है।
सिर दर्द होने पर कई लोग पेन किलर्स ले लेते हैं। इन्हें लेने से कुछ समय के लिए तो दर्द से राहत मिल जाती है, परंतु इससे रोग बढ़नें की संभावना अधिक रहती है। डॉक्टर की सलाह के बगैैर कोई मैडिसिन नहीं लेनी चाहिए। उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव से तैयार किया जल, जो ताम्बे के बर्तन में हो, उसे सुबह खाली पेट (दांत साफ करने से पहले) सेवन करें, इससे सिरदर्द से काफी राहत मिलेगी।
इसकी मात्रा 60-70 मिलि से अधिक ना हो। चुम्बकीय जल सुबह और रात को भोजन के दो घंटे बाद लेना चाहिए। दिन में दो या तीन बार किसी भी समय उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव से तैयार की गई पट्टी सिर पर बांध लेनी चाहिए। उत्तरी ध्रुव से तैयार किए गए तेल से गर्दन, कनपट्टियों, हथेलियों, तलवों और रीढ़ की हड्डी पर रात को सोने से पहले मालिश करने से लाभ होता है। मालिश यदि मसाजर से की जाए, तो बहुत अच्छा है। गले में चुम्बकीय माला धारण करें, जो स्नान से 1/2 घंटा पहले उतार दें। स्नान के बाद फिर पहन लें। कानों में चुम्बकीय टॉपस सुबह स्नान के बाद पहन लें और रात को सोने से पहले उतार दें। जूतों में चुम्बकीय पतावे इस्तेमाल करें।
पावर मैट का प्रयोग करें, सुबह सैर और हल्का व्यायाम करें, लेकिन सर्दियों में सुबह की सैर से हानि हो सकती है। आधा सिर दर्द होने पर सिर पर चुम्बकीय पट्टी बांध कर अंधेरे कमरे में आखें बंद करके लेट जाएं, आराम मिलेगा। पौष्टिक भोजन लें। तली हुई वस्तुओं का सेवन न करें।




























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