दमोह। शहर में घर-घर पीने का शुद्ध पानी पहुंचाने के लिए २७ करोड़ की लागत से नई पाइप लाइन तो बिछा दी गई और लोगों के घरों तक पानी भी पहुंचने लगा, लेकिन पानी की बर्बादी पर अंकुश नहीं लगा है। पहले की तरह अब भी नालों में टोटियां न लगी होने से पानी बह रहा है। हैरानी की बात यह है कि यहां पर नलों में टोटियां लगाने को लेकर असमंजस की स्थिति है। पहले नगरपालिका ने टोटियां लगाकर नल कनेक्शन किए थे, लेकिन अब अधिकारी बता रहे हैं कि कनेक्शन धारक को स्वयं के पैसे से टोटी लगवाना है।
ऐसी स्थिति एक दो जगह नहीं, बल्कि पूरे शहर में बनी है। बिना टोटियों के नल से हजारों लीटर पानी बेकार बह रहा है। सबसे ज्यादा पानी की बर्बादी सिविल वार्ड नंबर ४ में देखी जा रही है। यहां डॉक्टर पसारी क्लीनिक की बाजू वाली गली से आदर्श स्कूल के पास रहने वाले लोगों के घरों के सामने लगी सटकों से करीब १० से १५ मिनट तक पानी व्यर्थ बहता है और सड़कों और नालियों में पानी तेज बहाव से बहता है। शुरु हो जाता है। जिन घरों में नल कनेक्शन किए गए हैं उनमें पानी के मीटर भी लगाए जाने थे। नगर पालिका ने इसका खूब प्रचार प्रसार भी कराया।
गौरतलब है कि निर्धारित शुल्क लेकर घरों में नए नल कनेक्शन भी करवा दिए गए। बावूजद न तो टोंटियां लगवाई गई न ही मीटर लगवाए गए हैं। अब पानी सप्लाई का कर भी वसूल किया जाने लगा है। एजेंसी द्वारा बजट की कमी बताकर मीटर लगाने से इनकार कर दिया।





























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