नई दिल्ली। नौसेना प्रमुख एडमिरल आर. हरिकुमार ने कहा कि नौसेना आने वाले 25 साल यानी 2047 तक पूरी तरह आत्मनिर्भर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि रूस-यक्रेन युद्ध से सीख मिली है कि सुरक्षा के मामले में किसी पर निर्भर नहीं रहा जा सकता। भारत पहले से ही सुरक्षा मामलों में आत्मनिर्भर होने की तैयारी में जुटा हुआ है। नौसेना की ताकत बढ़ाने वाला एयरक्रॉफ्ट कैरियर इसका प्रमुख उदाहरण है। इसके अलावा भी भारत में बन रहे जहाजों व पनडुब्बियों में स्वदेशीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
अमरीकी रिपोर्ट में हिंद महासागर में बढ़ती चीन की गतिविधियों पर चिंता जताए जाने के बाद नौसेना प्रमुख ने कहा कि हमारी सेना हर गतिविधि पर नज़र गड़ाए हुए हैं। हम भारतीय भूभाग की सुरक्षा करने में सक्षम हैं।
नौसेना की समुद्री ताकत पर एक दृष्टि
11 से ज़्यादा बैस विभिन्न राज्यों में,150 जंगी जहाज और पनडुब्बियां, 02 एयरक्राफ्ट कैरियर विक्रांत और विक्रमादित्य, 15 अटैक पनडुब्बियां, 1-1 बैलिस्टिक मिसाइल व परमाणु ईंधन चालित पनडुब्बी, 14फ्रिगेट, 10 डेस्ट्रॉयर व 75 हज़ार से ज़्यादा नौसैनिक है।





























Views Today : 4
Views Last 7 days : 254
Views Last 30 days : 1259
Views This Year : 7069
Total views : 107542
Who's Online : 0
Your IP Address : 216.73.217.31