पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम धाम में सिद्धाश्रम सरिता के तट पर स्थित त्रिशक्ति गौशाला में हर माह की तरह नवम्बर माह में भी सेवा-समर्पण का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए सिद्धाश्रमवासियों और आगन्तुक ‘माँ’भक्तों ने प्रसन्नतापूर्वक गोसेवा समर्पण दिवस मनाया।
ज्ञातव्य है कि ऋषिवर श्री शक्तिपुत्र जी महाराज ने शुक्लपक्ष की अष्टमी तिथि को गोसेवा समर्पण दिवस घोषित किया है और आपश्री के शिष्य इस दिवस पर गायों की सेवा करके पुण्यलाभ अर्जित करते हैं। त्रिशक्ति गौशाला में तो यह दिवस अन्य धार्मिक पर्वों की तरह हर्षोल्लासपूर्वक मनाया जाता है।
शुक्लपक्ष की अष्टमी तिथि, दिनांक 28 नवम्बर को प्रात:काल 07:45 बजे ही सिद्धाश्रमवासी और भक्तगण त्रिशक्ति गौशाला पहुंच गए थे और उन्होंने गौशाला की अच्छी तरह सफाई करने के साथ ही गऊमाताओं और उनके बछड़ों को नहलाया तथा उनके शरीर को पोछा। प्रात: 09:15 बजे परम पूज्य गुरुवरश्री और पूजनीया शक्तिमयी माता जी ने गौशाला में पहुंचकर गायों को रोटियाँ खिलाने के क्रम को पूर्ण किया।
गौरतलब है कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त त्रिशक्ति गौशाला में गायों के खाने-पीने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है और रहने के लिए विशाल शेड व भवनों की भी उत्तम व्यवस्था है। चारे की व्यवस्था के लिए गौशाला से लगे खेतों में ही हरे चारे की पैदावार होती है, जिसकी कटाई के लिए विद्युतचालित मशीनें हैं इतना ही नहीं गायों की सेवा के लिए अनेक गोसेवक नियुक्त हैं, जो निष्ठापूर्वक अपने कर्त्तव्य का निर्वहन करते हैं।
सद्गुरुदेव जी महाराज का चिन्तन है कि ‘‘गायों की सेवा करना सबसे बड़ा पुण्यकार्य है। जो गऊमाताओं की प्रत्यक्ष सेवा नहीं कर सकते, वे अपने धर्मस्थलों पर स्थित गौशाला या अपने समीप गौशालाओं में भूसा, खली या कुछ सेवाराशि समर्पित करके पुण्यलाभ अर्जित कर सकते हैं।’’




























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