नई दिल्ली। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद रूस पर अमेरिका के प्रतिबंधों के बावजूद, भारत ने न केवल रूस के साथ व्यापार जारी रखने का फैसला किया है, बल्कि निकट भविष्य में मास्को के साथ अपने व्यापार को दोगुना करने का भी निर्णय लिया है।
दोनों देशों के बीच व्यापार की मात्रा में बढ़ोत्तरी भारत के द्वारा रूस से कच्चे तेल के अधिक आयात के कारण हुई है। भारत रूस-यक्रेन युद्ध से पहले रूस से अपने कुल कच्चे तेल का 01 प्रतिशत से भी कम आयात करता था, लेकिन अब अपनी कुल आवश्यकता का लगभग 22 प्रतिशत आयात करता है। वहीं, इराक और सऊदी अरब से कच्चे तेल का आयात भारत के कुल आयात का क्रमश: लगभग 21 और 16 प्रतिशत है।




























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