संकल्प शक्ति। सद्गुरुदेव परमहंस योगीराज श्री शक्तिपुत्र जी महाराज के आशीर्वाद से दिनांक 13-14 मार्च 2026 को जनकल्याण के लक्ष्य को लेकर ग्राम-परस्वाहा, तहसील-जबेरा, ज़िला-दमोह में 24 घंटे का श्री दुर्गाचालीसा अखण्ड पाठ सम्पन्न हुआ।
समापन बेला पर भगवती मानव कल्याण संगठन के केन्द्रीय मुख्य सचिव सिद्धाश्रमरत्न आशीष शुक्ला (राजू भइया) जी ने अपनी मधुर शैली में उपस्थित जनसमुदाय को सम्बोधित करते हुए कहा कि ‘‘आप सभी लोगों को परम पूज्य सद्गुरुदेव जी महाराज ने अपना पूर्ण आशीर्वाद प्रदान किया है। मैं परस्वाहा ग्राम पंचायत और यहाँ पर उपस्थित सभी लोगों से चाहता हूँ कि दिव्यधाम पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम अवश्य जाएं और वहाँ पर ममतामई माता भगवती आदिशक्ति जगत् जननी जगदम्बा और गुरुवरश्री के दिव्यस्वरूप के दर्शन अवश्य करें। दर्शन करते ही आपको अलौकिक शान्ति की अनुभूति होगी। आप उस सिद्धाश्रम धाम में इसलिए भी जाएं, क्योंकि वहाँ शेष 100 महाशक्तियज्ञ सम्पन्न होने हैं, जिन यज्ञों की ऊर्जा से पूरे समाज को लाभान्वित होना है। निकट भविष्य में आप और आपके परिजन उन यज्ञों के साक्षी बनेंगे।
यह सिद्धाश्रम धाम की महिमा का ही प्रभाव है कि वहाँ पहुंचने वाले करोड़ों लोग पूर्णरूपेण नशे-मांसाहार से मुक्त होकर चरित्रवान् जीवन अपनाकर अध्यात्मपथ को अंगीकार कर चुके हैं। संस्कारों की इस यात्रा में भगवती मानव कल्याण संगठन के हज़ारों कार्यकर्ता दिव्य अनुष्ठानों व रैलियों के माध्यम से जन-जन में नवचेतना का संचार कर रहे हैं। क्योंकि, उन्हें पता है कि धन-धान्य, सभी कुछ यहीं धरा रह जाएगा और गुरुवरश्री ने जो यह मार्ग दिया है, उससे प्राप्त ऊर्जा और संस्कार जन्म-जन्मांतर तक काम आएंगे।
हमारा यह संकल्प है कि हम पूरे भारत देश को नशे-मांसाहार से मुक्त चरित्रवान्, चेतनावान् व विश्वगुरु बनाकर ही दम लेंगे। भाईयों और बहनों, हमारा यह पावन पवित्र लक्ष्य ही हमें लक्ष्यप्राप्ति की दिशा में आगे बढ़ा रहा है। ये लक्ष्य हमें कमज़ोर नहीं करते, बल्कि मज़बूत बनाते हैं, आत्मशक्ति से परिपूर्ण करते हैं।
हर वर्ष शारदीय नवरात्र पर्व पर सिद्धाश्रम धाम में जो शक्ति चेतना जनजागरण शिविर होता है, इस वर्ष 19-20-21 अक्टूबर को त्रिशक्ति साधना शिविर के रूप में होना है, इस चेतनात्मक शिविर में आप सभी लोग सपरिवार अवश्य पहुंचे। ‘माँ’-गुरुवर की कृपा और आशीर्वाद से अलौकिक ऊर्जा की प्राप्ति होगी, जिसके प्रभाव से आपके जीवन में सुख-शांति और संतोषरूपी धन की कमी नहीं रहेगी।
पथरिया। दिनांक 14-15 मार्च को श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर प्रांगण, ग्राम-बिलानी, तहसील-पथरिया, ज़िला-दमोह में आयोजित श्री दुर्गाचालीसा अखंड पाठ के समापन अवसर और भगवती मानव कल्याण संगठन के स्थापना दिवस पर सिद्धाश्रमरत्न आशीष शुक्ला जी ने उपस्थित भक्तों को सम्बोधित करते हुए कहा कि ‘‘संगठन अपने पावन पवित्र लक्ष्यों को लेकर 32वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है और जब तक हम समाज के प्रत्येक घर-परिवार को ‘माँ’ की ज्योति से प्रकाशित नहीं कर देते, हर घर को नशे-मांसाहार से मुक्त चरित्रवान् और चेतनावान् नहीं बना देते, तब तक हमें चैन से नहीं बैठना है।
भाईयों-बहनों, हम बड़े संयोग से साधना-आराधना के पथ पर बढ़ते हैं। परम पूज्य सद्गुरुदेव श्री शक्तिपुत्र जी महाराज ने हमें स्वआकलन करना सिखाया कि हम साधनापथ पर बढ़ रहे हैं या नहीं, हमारा जीवन कहीं निष्कृय तो नहीं व्यतीत हो रहा है? और गुरुदेव जी ने सबसे अच्छी बात बताई कि व्यक्ति तीन तरह का जीवन जीता है-सतोगुणी, रजोगुणी और तमोगुणी जीवन। सतोगुणी जीवन जीने वाला व्यक्ति सत्यधर्म के पथ पर चलता है, परोपकार व पुरुषार्थ के पथ पर चलता है, ग़रीबों, बेसहारों का सहारा बनता है और कभी किसी को सताता नहीं है, जबकि भौतिकतावाद से ग्रसित व्यक्ति रजोगुणी जीवन जीता है, धन-सम्पत्ति एकत्रित करने और मान-सम्मान के लिए जीता है। यद्यपि गृहस्थ जीवन के लिए यह आवश्यक है, लेकिन हम कितने प्रतिशत इस भौतिकता में लिप्त हैं? यह आपके ऊपर है और जो अनीति-अन्याय-अधर्म के पथ पर, दुराचार के पथ पर चलते हैं, वे तमोगुणी व्यक्ति हैं। तमोगुण के कारण ही समाज का पतन हो रहा है।
भगवती मानव कल्याण संगठन लोगों को सत्यधर्म के पथ पर बढ़ा रहा है और लोगों को यह बताया जा रहा है कि जनकल्याण के माध्यम से ही आत्मकल्याण तीव्र गति संभव है।
उद्बोधनक्रम के पश्चात् सभी भक्तों ने शक्तिजल और प्रसाद प्राप्त किया।




























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