प्रशांत महासागर में ईस्टर आइलैंड स्थित है। इस वीरान टापू पर कई ऐसी प्राचीन मूर्तियां हैं, जिनकी ऊंचाई 07 मीटर तक हैं। ये मूर्तियां आज भी रहस्य का विषय बनी हुई हैं।
ईस्टर आइलैंड की सबसे बड़ी मूर्ति की ऊंचाई लगभग 33 फीट है और इसका वजन 75 टन के आसपास है। ये मूर्तियां 1200 साल पुरानी मानी जाती हैं। बताया जाता है कि इस वीरान टापू पर बहुत पहले रापा नुई लोग रहा करते थे। इस टापू की खोज साल 1722 में डच एडमिरल याकूब रोगेवीन ने की थी। उस दौरान जब वे अपने तीन जहाजों के साथ इस टापू के नज़दीक पहुंचे, तो उनके दल को दूर से बहुत सारी ऊंची-ऊंची इंसानी आकृतियां दिखाई दीं। इन मूर्तियों के रहस्य से हाल ही में पर्दा उठा है।
माना जाता है कि मूर्तियों को किसी परग्रही लोगों ने नहीं, बल्कि ईस्टर आईलैंड के प्राचीन आदिवासियों ने बनाया है। कुछ समय पहले यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर के एक डॉक्टर ईस्टर आइलैंड के एक ज्वालामुखी के पास पहुंचे, तो उन्हें वहां पर अंदर छुपी कई खदानें मिलीं। डॉक्टर ने वहां पर मूर्ति को बनाने के कई अवशेषों को भी ढूंढ़ा, जिनमें धातु की एक 07 इंच लंबी कुल्हाड़ी भी शामिल थी। ऐसे में इस निष्कर्ष पर पहुंचा गया कि इन मूर्तियों को प्राचीन समय में वहां के मूल निवासियों ने बनाया था। ये मूर्तियां रापा नुई लोगों के लिए धार्मिक अनुष्ठान का हिस्सा हुआ करती थीं।





























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