नई दिल्ली। भारत की ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट (जीडीपी) ग्रोथ पहली तिमाही अप्रैल-जून) में 7.8 प्रतिशत रही। गुरुवार को सरकार ने यह आंकड़े जारी किए हैं। नेशनल स्टैटिस्टिकल ऑफिस के मुताबिक, सर्विसेस और मैन्युफैक्चरिंग के कारण अप्रैल-जून तिमाही में भारत की इकोनॉमी एक साल में सबसे तेज गति से बढ़ी है।
अगली छमाही में जीडीपी ग्रोथ घटने की आशंका
सर्विसेस के साथ-साथ प्राइवेट कंजप्शन और निश्चित निवेश जैसी वजहों से विकास को गति मिली है। भारत की इकोनॉमी वर्तमान में हाई इन्फ्लेशन यानी उच्च महंगाई से जूझ रही है, जिसके बारे में केंद्रीय बैंक को उम्मीद है कि ये अस्थायी होगी। हालांकि, सामान्य से कम मॉनसून का खतरा, महंगाई की आशंका बढ़ा रहा है। अनुमान है कि सख्त मॉनिटरी पॉलिसी और कमजोर एक्सपोर्ट, फाइनेंशियल ईयर की दूसरी छमाही में जीडीपी ग्रोथ को प्रभावित कर सकते हैं।
क्या है जीडीपी?
जीडीपी इकोनॉमी की हेल्थ को ट्रैक करने के लिए उपयोग किए जाने वाले सबसे कॉमन इंडिकेटर्स में से एक है। जीडीपी देश के भीतर एक स्पेसिफिक टाइम पीरियड में प्रोड्यूस सभी गुड्स और सर्विस की वैल्यू को रिप्रजेंट करती है। इसमें देश की सीमा के अंदर रहकर जो विदेशी कंपनियां प्रोडक्शन करती हैं उन्हें भी शामिल किया जाता है। जब इकोनॉमी हेल्दी होती है, तो आमतौर पर बेरोजगारी का लेवल कम होता है।




























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