नई दिल्ली। अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारतीय और चीनी सेना के बीच के झड़प पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के संसद में बयान को पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने खोखला और नीरस बताया है। उन्होंने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि वे चीन का नाम लेने से भी डरते हैं। सरकार को इस पर संसद में चर्चा की अनुमति देनी चाहिए।
एक प्रेस से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह राजनाथ के बयान से बिल्कुल संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आज सुबह अखबारों में जो छपा, उससे ज़्यादा उन्होंने कुछ नहीं कहा।
घुसपैठ से रोकने क्या कर रही है सरकार?
पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि मैं पूछता हूं, ऐसा कैसे होता है कि चीन घुसपैठ की तारीख, समय और जगह चुनता है और ऐसा पहली बार नहीं हुआ है? 2020 में गलवान में ऐसा ही हुआ था। उसके बाद हर घुसपैठ चीन की पसंद के समय, जगह और तारीख पर हुई है। तो, आप चीन को समय-समय पर ऐसी घुसपैठ करने से रोकने के लिए क्या कर रहे हैं?
संसद में दिया गया रक्षामंत्री का बयान
गौरतलब है कि तवांग झड़प पर रक्षामंत्री ने मंगलवार को लोकसभा में बयान दिया था। उन्होंने कहा कि हमारे किसी सैनिक की मृत्यु नहीं हुई है, न ही कोई गंभीर रूप से घायल हुआ है। 09 दिसंबर को तवांग सेक्टर के यांग्त्से क्षेत्र में पीएलए के सैनिकों ने अतिक्रमण किया और यथास्थिति को बदलने का प्रयास किया। इस प्रयास का हमारे सैनिकों ने दृढ़ तरीके से सामना किया। हमारे सैनिकों ने बहादुरी से पीएलए को हमारे क्षेत्र में अतिक्रमण करने से रोका और उन्हें अपनी पोस्ट पर वापस जाने के लिए मज़बूर किया।




























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