जबलपुर। हाल ही में निजी अस्पताल में हुए अग्निकांड के बाद अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा को लेकर हाईकोर्ट सख्त हुआ है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को भी हिदायत दी थी कि निजी अस्पताल में मरीजों की जान से खिलवाड़ ना हो। बावजूद इसके हाई कोर्ट के आदेश का दरकिनार करते हुए जबलपुर के सेंट्रल किडनी हॉस्पिटल में मरीजों को आयुष्मान योजना के तहत भर्ती करके उनका इलाज एक होटल में किया जा रहा था। यह जानकारी जब पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा को मिली तो स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ पुलिस ने होटल मे छापा मारा मारा, जहाँ 30 से अधिक मरीज होटल मे भर्ती मिले।
सभी मरीज आयुष्मान योजना के लाभार्थी थे। होटलनुमा अस्पताल मे लापरवाही ऐसी की एक पलंग पर दो-दो मरीजों को लिटा कर इलाज चल रहा था और सुविधाओं के नाम पर कोई भी आपातकालीन व्यवस्था होटल में मौजूद नहीं थी जिसको लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान समय में ऐसा कोई भी नियम नहीं है कि होटल में अस्पताल का संचालन किया जा सके। कोरोन काल में आइसोलेशन के लिए कुछ छूट दी गई थी लेकिन वर्तमान में ऐसी कोई भी छूट नहीं दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, होटल में सबसे ज़्यादा आयुष्मान भारत के मरीज भर्ती थे और जिनकी हालत गंभीर नहीं थी तथा जिन्हें बिल बढ़ाने के लिए भर्ती करके रखा गया है। यह सभी विषय जांच के हैं जिसको लेकर आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी जांच कर रहे हैं।




























Views Today : 180
Views Last 7 days : 1021
Views Last 30 days : 1737
Views This Year : 10790
Total views : 111263
Who's Online : 0
Your IP Address : 162.251.85.8