नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने दिनांक 04 सितम्बर, दिन-शुक्रवार की सुबह एक बार फिर इतिहास रचते हुए अपने अत्याधुनिक अर्थ आॅब्जर्वेशन सैटेलाइट एडर-05 को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष की निर्धारित कक्षा में स्थापित कर दिया। आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरने वाले इसरो के भरोसेमंद लॉन्च व्हीकल ने इस मिशन को पूरी सटीकता के साथ अंजाम दिया।
इस कामयाबी पर देश भर में जश्न का माहौल है। केंद्रीय अंतरिक्ष राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने इसरो प्रमुख और वैज्ञानिकों की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि, ईओएस-05 सैटेलाइट की कामयाब लॉन्चिंग भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक मील का पत्थर है, जो पृथ्वी की निगरानी और डेटा विश्लेषण में हमारी आत्मनिर्भरता को और मजबूत करेगी।
क्या हैं एडर-05 सैटेलाइट की खूबियां?
यह नया उपग्रह ‘एडवांस्ड आॅप्टिकल रिमोट सेंसिंग’ पेलोड से लैस है, जो बेहद खराब मौसम और बादलों के बीच भी पृथ्वी की उच्च-गुणवत्ता वाली तस्वीरें लेने में सक्षम है। इसका मुख्य उद्देश्य देश की भौगोलिक और पर्यावरणीय गतिविधियों पर पैनी नजर रखना है। यह उपग्रह अंतरिक्ष से भारत की सीमाओं की निगरानी के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के मानचित्रण में भी अहम भूमिका निभाएगा।




























Views Today : 20
Views Last 7 days : 191
Views Last 30 days : 689
Views This Year : 9456
Total views : 109929
Who's Online : 0
Your IP Address : 162.251.85.8