गर्मियों के दिनों में जब हम काम करते हैं, तो शरीर का सारा खून और ऊर्जा हमारे मस्तिष्क की ओर केंद्रित रहती है। रात होने तक दिमाग ऊष्मा (Heat) और तनाव से पूरी तरह भर जाता है। प्राकृतिक चिकित्सा का नियम है कि जब तक यह अतिरिक्त गर्मी सिर से उतरकर पैरों की तरफ नहीं जाएगी, तब तक इंसान को सच्ची और गहरी नींद नहीं आ सकती। इस ‘एनर्जी शिफ्ट’ (ऊर्जा के प्रवाह को मोड़ने) के लिए आयुर्वेद ने ‘पादाभ्यंग’ (पैरों के तलवों की मालिश) को सबसे महान उपाय बताया है।
72 हजार नसों का स्विच
हमारे पैरों के तलवों में शरीर की 72,000 सूक्ष्म नाड़ियों (नसों) का अंतिम छोर होता है।
• जब हम सोने से पहले पैरों को साफ पानी से धोकर उन पर तेल की मालिश करते हैं, तो यह मालिश तलवों के जरिए पूरे नर्वस सिस्टम को ‘कूल-डाउन’ का सिग्नल भेजती है।
• यह प्रक्रिया सिर में जमे हुए अतिरिक्त रक्तचाप (Blood pressure) और गर्मी को तुरंत पैरों की तरफ खींच लेती है, जिससे दिमाग एकदम हल्का हो जाता है।
मेरी राय में: नींद की गोलियां दिमाग को बेहोश करती हैं, उसे आराम नहीं देतीं। अपने हाथों के स्नेह की शीतलता से अपने शरीर को विश्राम दें। पादाभ्यंग की यह 5 मिनट की क्रिया आपकी ‘जीवनी शक्ति’ को एक असीम शांति और ऊर्जा से भर देगी।
कार्यकारी संपादक, बृजपाल सिंह चौहान (एन. डी.) नेचुरोपैथी




























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