Homeआयुर्वेदजलजीरा (Jaljeera): पेट की गैस और अपच का देसी इलाज

जलजीरा (Jaljeera): पेट की गैस और अपच का देसी इलाज

मई-जून की भीषण गर्मी में अक्सर हमारी ‘जठराग्नि’ (पाचन की आग) मंद पड़ जाती है। ज्यादा पानी पीने और अत्यधिक गर्मी के कारण भूख कम लगती है, और कुछ भी खाते ही पेट में भारीपन, गैस या अपच की शिकायत होने लगती है। ऐसे समय में, जब पाचन तंत्र धीमा पड़ जाए, तब भारतीय रसोई का एक पारंपरिक और स्वादिष्ट पेय संजीवनी का काम करता है—’जलजीरा’। यह सिर्फ शादियों में परोसा जाने वाला एक ‘वेलकम ड्रिंक’ या स्वाद बदलने का जरिया नहीं है, बल्कि आयुर्वेद के अनुसार यह पेट की गैस और अपच को जड़ से खत्म करने वाला प्रकृति का अपना पाचक (Digestive) टॉनिक है।

यह कैसे काम करता है?

जलजीरे का मुख्य घटक ‘जीरा’ (Cumin) है, जो पाचक रसों (Digestive enzymes) को उत्तेजित करता है। जब जीरे को पुदीना, धनिया, काला नमक, अमचूर (सूखे आम का पाउडर) और हींग के साथ पानी में मिलाया जाता है, तो यह मिश्रण आंतों में जाते ही चमत्कारी असर दिखाता है। पुदीना और धनिया पेट की गर्मी (पित्त) को शांत करते हैं, जबकि हींग और काला नमक रुकी हुई ‘वात’ (गैस) को बाहर निकालते हैं। अमचूर मुंह में लार (Saliva) और पेट में गैस्ट्रिक जूस को बढ़ाकर भोजन पचाने की प्रक्रिया को तुरंत तेज कर देता है।

गैस, अपच और डिहाइड्रेशन का अचूक इलाज

गर्मियों में अक्सर भारी भोजन खाने के बाद पेट फूलने (Bloating), खट्टी डकारें आने और जी मिचलाने की समस्या होती है। जलजीरा इन सभी समस्याओं का अचूक ‘देसी इलाज’ है। यह पसीने के जरिए बह गए आवश्यक खनिजों (Electrolytes) की तुरंत भरपाई करता है। इसमें मौजूद विटामिन-सी (नींबू और अमचूर से) शरीर की इम्युनिटी बढ़ाता है और लू (Heatstroke) के दुष्प्रभाव को काटता है। यह आंतों की सफाई करने वाला एक बेहतरीन प्राकृतिक ‘डिटॉक्स ड्रिंक’ है।

बनाने की सरल और प्रामाणिक विधि

•2 चम्मच जीरा तवे पर हल्का भून लें और पीस लें।

•मिक्सी या सिलबट्टे पर एक मुट्ठी ताज़ा पुदीना, आधा मुट्ठी हरा धनिया, थोड़ा सा अदरक और 1 हरी मिर्च (स्वादानुसार) पीसकर चटनी/पेस्ट बना लें।

• एक जग में 4 गिलास मटके का ठंडा पानी लें। इसमें पुदीने का पेस्ट, भुना जीरा पाउडर, 1 चम्मच काला नमक, आधा चम्मच सादा सेंधा नमक, 1 चम्मच अमचूर पाउडर और एक चुटकी हींग अच्छी तरह मिला लें।

• ऊपर से आधा नींबू निचोड़ें। परोसते समय इसमें थोड़ी सी सादी बूंदी (बेसन की) डाल दें। यह बूंदी पेट के अतिरिक्त एसिड को सोखने में मदद करती है।

संबंधित खबरें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

आगामी कार्यक्रमspot_img

Popular News