कार्तिक मास के शुक्लपक्ष की नवमी को ‘आंवला नवमी’ या ‘अक्षय नवमी’ के रूप में मनाया जाता है। पंचांग के अनुसार कार्तिक माह के शुक्लपक्ष की नवमी तिथि 30 अक्टूबर को है। इस दिन आंवले के पेड़ का पूजन करके परिवार के लिए आरोग्यता और सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन आंवले के पेड़ के नीचे पूजा करने से माता लक्ष्मी और भगवान् विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। इसके लिए सबसे पहले आंवला वृक्ष के नीचे गंगाजल छिड़ककर उसे पवित्र करें। फिर पेड़ के चारों ओर घी का दीपक जलाएं और पूजन कर फूल-माला अर्पित करें। आंवले के पेड़ की परिक्रमा करने से और पेड़ को जल चढ़ाने से लक्ष्मी जी प्रसन्न होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
आंवले के वृक्ष के नीचे भोजन करें
मान्यता है कि आंवले के पेड़ के नीचे भोजन करने से शरीर और मन दोनों को शुद्धता प्राप्त होती है। यदि संभव हो तो परिवार सहित आंवले के पेड़ के नीचे भोजन करें। इससे घर में खुशहाली और आर्थिक समृद्धि आती है। भोजन में आंवले का उपयोग करने से भी लाभ मिलता है, क्योंकि आंवला भगवान् विष्णु का प्रिय फल है और इसे ग्रहण करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है।
आंवला नवमी पर आंवले के पेड़ की जड़ में एक सिक्का दबाना भी बहुत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से व्यक्ति की आर्थिक स्थिति में सुधार होता है और लक्ष्मी जी का वास घर में होता है।



























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