गर्मी की चिपचिपी दोपहर में जब मन कुछ हल्का और सुकून देने वाला मांगे, तब एक कप हर्बल चाय वो जादुई अमृत है जो न सिर्फ़ ताजगी देता है, बल्कि सेहत को भी प्यार से सहलाता है। तुलसी, अदरक और सौंफ की तिकड़ी से बनी ये बिना चीनी वाली चाय गर्मियों में हल्की ठंडी करके पीने का मजा ही कुछ और है। तो चलिए, जानते हैं कि हर्बल चाय क्यों बन रही है गर्मी का सबसे कूल ट्रेंड!
हर्बल चाय: प्रकृति का प्यार, सेहत का उपहार
हर्बल चाय कोई नई खोज नहीं, बल्कि हमारी दादी-नानी का वो देसी नुस्खा है जो अब मॉडर्न कैफे से लेकर सोशल मीडिया तक छाया हुआ है। तुलसी इम्यूनिटी को बूस्ट करती है, अदरक पाचन को दुरुस्त करता है और सौंफ मुंह को ताजा रखते हुए पेट को हल्का बनाती है। सबसे खास बात ये चाय बिना चीनी के बनती है, यानी कैलोरी का कोई टेंशन नहीं! गर्मियों में इसे हल्का ठंडा करके पीने का मजा ऐसा है मानो हिमालय की ठंडी हवा आपके गले से उतर रही हो।
कैसे बनाएं ये
जादुई चाय?
हर्बल चाय बनाना इतना आसान है कि आप इसे घर पर चुटकियों में तैयार कर सकते हैं। एक पैन में पानी उबालें, उसमें ताजा तुलसी की पत्तियां, थोड़ा कसा हुआ अदरक और एक चुटकी सौंफ डालें। 5-7 मिनट तक धीमी आंच पर उबलने दें, फिर छानकर कप में डालें। गर्मियों में इसे ठंडा करके या हल्का चिल्ड सर्व करें। चाहें तो नींबू का रस व शहद की कुछ बूंदें डालकर हल्का ट्विस्ट दे सकते हैं। बस, आपकी हेल्दी हर्बल चाय तैयार है!
इसके साथ ही अगर आप और टेस्ट बढ़ाना चाहते हैं तो इसमें लेमनग्रास की कुछ पत्तियां मिलाकर फैंसी टच दे सकते है या छोटी इलायची का एक चुटकी पाउडर डालकर देसी टैस्ट दे सकते है।
सेहत का सिप, गर्मी का सॉल्यूशन
हर्बल चाय सिर्फ़ स्वाद ही नहीं, सेहत के लिए भी कमाल की है। तुलसी सर्दी-खांसी से बचाती है और तनाव कम करती है। अदरक गैस और अपच को भगाता है, जबकि सौंफ मुंह की बदबू को दूर रखती है। गर्मियों में डिहाइड्रेशन से बचने के लिए ये चाय एकदम परफेक्ट है, क्योंकि ये शरीर को हाइड्रेट रखती है और पेट को हल्का बनाए रखती है। और हां, बिना चीनी की होने की वजह से ये डायबिटीज वालों के लिए भी सेफ है।
आखिरी सिप
अगर आप चाहते हैं कि आपका शरीर ठंडा रहे, पेट खुश रहे, और मन सुकून में, तो हर्बल चाय को अपनी रूटीन में शामिल करें। हर्बल चाय पियो, गर्मी को भूल जाओ! तुलसी, अदरक और सौंफ इकट्ठा कीजिए, चाय बनाइए और इस देसी ड्रिंक का मजा लीजिए। गर्मी को स्टाइल में मात देने का इससे बेहतर तरीका भला और क्या हो सकता है?
कार्यकारी संपादक
डॉ. बृजपाल सिंह चौहान
(एन. डी.) नेचुरोपैथी
www.bschauhan09.blogspot.com
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