रायपुर। छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने बिना पंजीयन निर्माण कार्य शुरू करने वाले बिल्डरों और प्रोजेक्ट्स पर सख्ती तेज कर दी है। ऐसे प्रोजेक्ट्स, जो भले ही टॉउन एंड कंट्री प्लानिंग से स्वीकृत हैं, लेकिन अब तक रेरा अधिनियम के तहत पंजीकृत नहीं हुए हैं, उन पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मालूम हो कि रेरा ने इन सभी प्रोजेक्ट संचालकों को प्रारंभिक नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांग लिया है। यदि दिए गए जवाब संतोषजनक नहीं हुए तो इन पर कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।
रेरा का सख्त निर्देश
रेरा अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि कोई भी बिल्डर रेरा में पंजीयन के बिना न तो निर्माण कार्य प्रारंभ कर सकता है और न ही खरीदी-बिक्री कर सकता है। यह रेरा अधिनियम का उल्लंघन है। यह आम नागरिकों के हितों के लिए भी घातक साबित हो सकता है। रेरा की इस सख्ती को रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और उपभोक्ता सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। में एक सीमेंट फैक्ट्री में काम कर रहे थे। घटनाक्रम 01 जुलाई की है। अल-कायदा से जुड़े आतंकवादियों का हथियारबंद समूह फैक्ट्री में घुसा और वहां काम कर रहे तीनों भारतीयों का अपहरण कर लिया।
गौरतलब है कि डायमंड सीमेंट फैक्ट्री पश्चिमी माली के कायेस क्षेत्र में स्थित है। अब तक किसी आतंकी समूह ने अपहरण की ज़िम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन माना जा रहा है कि इसके पीछे अलकायदा से जुड़े जमात नुसरत अल-इस्लाम वाल-मुस्लिमीन का हाथ हो सकता है।




























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