संकल्प शक्ति। लोकसभा चुनाव के दो चरणों में मध्यप्रदेश की 12 लोकसभा सीटों पर कम मतदान होने से चिंतित भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीति में बदलाव लाते हुए गतदिवस पार्टी प्रमुखों के साथ मंत्रियों और विधायकों की बैठक की और अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाताओं को घर से निकालने की जि़म्मेदारी सौंपी है। वहीं कांग्रेस ने अपनी पार्टी के नेताओं को बूथस्तर पर सक्रिय कर दिया है, जबकि कई क्षेत्रोंं में अपनी उपस्थिति दजऱ् कराते हुए भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के नशे-मांसाहार से मुक्त चरित्रवान् और समाजसेवी कार्यकर्ता प्रचार-प्रसार में किसी से पीछे नहीं हैं और वे घर-घर जाकर मतदाताओं से सम्पर्क कर रहे हैं।
कहाँ-कहाँ हो चुका है मतदान?
मध्यप्रदेश में सीधी, शहडोल, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा, टीकमगढ़, दमोह, खजुराहो, सतना, रीवा और होशंगाबाद संसदीय क्षेत्र में मतदान हो चुका है। 2019 की तुलना में पहले चरण की सीटों पर 7.48 और दूसरे चरण में 9.6 प्रतिशत मतदान कम रहा।
चुनाव आयोग भी चिंतित
कम मतदान को लेकर चुनाव आयोग भी चिंतित है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कलेक्टरों के साथ बैठक पर बैठक कर रहे हैं। तीसरे और चौथे चरण में जिन 17 लोकसभा क्षेत्रों में चुनाव होना हैं, उनमें ‘चलें बूथ की ओर अभियान’ चलाने का निर्णय लिया गया है। एक मई को बैतूल, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, गुना, सागर, विदिशा, भोपाल और राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र के 20 हज़ार 456 मतदान केंद्रों पर यह अभियान चलाया जाएगा।
वहीं, सात मई को चौथे चरण के देवास, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, धार, इंदौर, खरगोन, खंडवा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 18,007 मतदान केंद्रों पर यह अभियान चलेगा। इसमें मतदाता ज़ागरूकता दल प्रत्येक मतदान केंद्र पर पहुंचकर मतदान में भाग लेने के लिए मतदाताओं को प्रेरित करने का काम करेंगे।




























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