जगदलपुर। बस्तर में 26 जनवरी को गणतंत्र का नया सूर्योदय हुआ। करेर्गुट्टा की पहाड़ियों से लेकर अबूझमाड़ के जंगलों तक, जहां चार दशक से डर की काली छाया मंडराती रही, वहां 40 गांवों में तिरंगा फहराया गया। करेर्गुट्टा तेलंगाना सीमा पर स्थित वह पहाड़ी है, जो माओवादियों का बेस कैंप हुआ करती थी। इसी साल लगभग एक माह चले लंबे अभियान के बाद सुरक्षा बलों ने इस पहाड़ी को माओवादियों से मुक्त कराकर वहां सुरक्षा कैंप खोला है, जिससे भयमुक्त होकर ग्रामवासी गणातंत्र पर्व मना पाए।





























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