नई दिल्ली। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा मई 2026 में जारी नवीनतम वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों के आंकड़ों में जहाँ उत्तरप्रदेश कुल मामलों में सबसे आगे है, वहीं दिल्ली महानगरों की श्रेणी में अब भी सबसे असुरक्षित शहर बना हुआ है।
अपराधों की मुख्य श्रेणियाँ
एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं के विरुद्ध होने वाले कुल अपराधों में सबसे बड़ा हिस्सा निम्नलिखित श्रेणियों का है:-
पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता : लगभग 27.2 प्रतिशत (1,20,227 मामले)।
अपहरण : 15.4 प्रतिशत (67,829 मामले)।
यौन उत्पीड़न : 10.9 प्रतिशत (48,303 मामले)।
दुष्कर्म : 10.4 प्रतिशत (29,536 मामले)।
प्रमुख आंकड़े और राज्यवार स्थिति (2024-2025)
उत्तरप्रदेश : महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में उत्तरप्रदेश कुल मामलों की संख्या में राष्ट्रीयस्तर पर शीर्ष में है। यहाँ 66,396 मामले दर्ज़ किए गए।
महाराष्ट्र : यहाँ 47,954 मामलों के साथ राज्य दूसरे स्थान पर रहा।
राजस्थान : दुष्कर्म के मामलों में राजस्थान पूरे देश में सबसे ऊपर है, यहाँ कुल 36,536 महिला अपराध के मामले दर्ज़ हुए।
मध्यप्रदेश : बलात्कार के साथ हत्या के सबसे ज़्यादा मामले यहाँ दर्ज़ किए गए। पश्चिम बंगाल: 34,360 मामलों के साथ यह राज्य चौथे स्थान पर रहा।
दिल्ली की स्थिति : महानगरों में सबसे खराब रिकॉर्ड महानगरों की श्रेणी में दिल्ली लगातार सुरक्षा के मोर्चे पर पिछड़ रही है। दिल्ली में 2024 के दौरान महिलाओं के विरुद्ध 13,396 मामले दर्ज़ किए गए, जो सभी 19 प्रमुख महानगरों में सबसे अधिक हैं।
विशिष्ट अपराध :दिल्ली में 1,058 दुष्कर्म, 3,974 अपहरण और 109 दहेज हत्या के मामले सामने आए।
अपराध दर :दिल्ली की महिला अपराध दर 176.8 (प्रति लाख महिला आबादी) रही, जो जयपुर, इंदौर और लखनऊ के बाद चौथे स्थान पर है।




























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