हिंदूधर्म में रुक्मिणी को माँ लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है. रुक्मिणी ने भगवान् श्रीकृष्ण से विवाह रचाया था। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, रुक्मिणी का जन्म अष्टमी को हुआ था, इसलिए रुक्मिणी अष्टमी का बड़ा महत्त्व है। हर वर्ष पौष माह के कृष्णपक्ष की अष्टमी को रुक्मिणी अष्टमी मनाई जाती है। इस वर्ष 16 दिसंबर 2022, दिन शुक्रवार को रुक्मिणी अष्टमी का पर्व है।
रुक्मिणी अष्टमी का महत्त्व
पौष मास के कृष्णपक्ष की अष्टमी को माँ लक्ष्मी ने रुक्मिणी अवतार में जन्म लिया था। रुक्मिणी को लक्ष्मी स्वरूपा भी कहते हैं. मान्यता है कि जो भी भक्त रुक्मिणी अष्टमी का व्रत रखते हैं, उन पर माँ लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहती है। रुक्मिणी अष्टमी का व्रत रखने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है और धन-संपदा में वृद्धि होती है।
नीलगिरी की पहाडिय़ों में बसा खूबसूरत हिल स्टेशन
तमिलनाडु के नीलगिरी की पहाडिय़ां पर स्थित कुन्नूर, भारत के प्रसिद्ध और खूबसूरत हिल स्टेशनों में से एक है। यह स्थान मनोरम हरियाली और जंगली फूलों और पक्षियों की विविधताओं के लिए जाना जाता है। यहाँ ट्रैकिंग करने का अलग ही आनन्द है।





























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