नई दिल्ली। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और उज्जैन महाकाल कॉरिडोर के बाद अब माँ कामाख्या मंदिर परिसर का कायाकल्प होगा। असम के गुवाहाटी में स्थित 51 शक्तिपीठों में शामिल माँ कामाख्या देवी मंदिर भी अतिदिव्यता धारण करेगा। इस महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री ने इस कॉरिडोर की आधारशिला रख दी है।
माँ कामाख्या दिव्य परियोजना को पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री विकास पहल योजना के तहत मंजूरी दी गई है। इस कदम का उद्देश्य राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देना भी है। कॉरिडोर का शुरुआती डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर लिया गया है, जिसके मुताबिक 15वीं शताब्दी के मंदिर को 21वीं सदी के हिसाब से तैयार किया जाएगा।
बताया जाता है कि माँ कामाख्या मंदिर कॉरिडोर को 498 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा। कॉरिडोर के निर्माण के बाद मंदिर के चारों ओर ओपन स्पेस 3000 वर्ग फुट से बढ़कर लगभग 01 लाख वर्ग फुट हो जाएगा। गलियारे की औसत चौड़ाई भी 10 फीट से बढ़ाकर 30 फीट की जाएगी। भविष्य में इस कॉरिडोर के आसपास के क्षेत्र के विकास के लिए 03 एकड़ जमीन भी रिजर्व रखी जाएगी।
माँ कामाख्या मंदिर कॉरिडोर में मुख्य मंदिर के साथ ही नीलांचल पर्वत पर स्थित कई और मंदिरों का भी विकास होगा।




























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