गोअर्क, गौ-मूत्र से निकाले जाने वाले अर्क को कहते हैं। अपने देश में सभी पशुओं का सम्मान तो किया ही जाता है, लेकिन गाय को माता कहा जाता है। गाय को माँ इसीलिए कहा जाता है, क्योंकि उनका सम्पूर्ण जीवन मानवता के हित में ही निकल जाता है। गाय का दूध और गोबर ही नहीं, बल्कि यहाँ तक कि गोअर्क भी हमारे जीवन को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है।
गौ-मूत्र अनेक रोगों के उपचार में महत्त्वपूर्ण औषधि के रूप में कार्य करता है। गाय का दूध और गोअर्क कैंसर सहित 100 से अधिक बीमारियों के उपचार में इस्तेमाल किया जाता है। केवल औषधीय रूप में ही नहीं, बल्कि धार्मिक रूप से भी गाय के दूध और गोअर्क की उपयोगिता है।
गोअर्क में भूख को बढ़ाने और भोजन को पचाने की क्षमता होती है। यह पवित्र होने के साथ-साथ कीटनाशक के रूप में भी काम आता है। यही कारण है कि पूजा-पाठ से पहले घर को गोबर से लीपने की प्रथा बनाई गई है। आइए जानते हैं गोअर्क से कितने लाभ हैं?-
तिल्ली रोग में लाभकारी
गोअर्क, तिल्ली रोग की बीमारी के बढऩे पर इस्तेमाल होने वाली औषधि है। इसके निर्माण के लिए 50 ग्राम गोअर्क में नमक मिलाकर नित्यप्रति उपयोग से शीघ्र फायदा पहुंचता है। इस बीमारी में प्रभावित जगह पर गोअर्क का सेक भी उपयोगी है। सेक के लिए एक साफ ईंट को थोड़ा गर्म करना होता है और एक साफ कपड़े को गोअर्क में भिगो कर ईंट में लपेट लें। इसके बाद गर्म ईंट से प्रभावित जगह पर हल्का-हल्का सेंक करें। इससे प्लीहा घटने लगती है। यदि आप जॉइंट पेन से परेशान हंै, तो भी दर्द वाली जगह पर गोअर्क की सिकाई करने से आराम मिलता है.
कैंसर के लिए
गोअर्क का प्रभाव थ्रोट कैंसर, फूड पाइप के कैंसर और पेट के कैंसर के लिए बहुत ही कारगर साबित हुआ है. जब शरीर में करक्यूमिन नामक तत्व की कमी होती है, तभी शरीर में कैंसर रोग विकसित होता है. गोधन अर्क में करक्यूमिन भरपूर मात्रा में होती है और पीने के बाद बहुत जल्दी पचता है जो बहुत प्रभावी होता है.
लिवर के स्वास्थ्य में
गोअर्क एक ब्लड प्यूरीफायर है। यह ब्लड को फिल्टर करता है और शरीर में शुद्ध ब्लड को पहुंचाता है, जिससे शरीर से बीमारियां दूर रहती हैं। यह लिवर की सूजन को कम करने के एक कारगर उपाय है। इस तरह लिवर स्वस्थ रहता है और शरीर की बामारियों से लडऩे की शक्ति बढ़ जाती है।
पेट की समस्याओं में
गोअर्क पेट की समस्याओं के लिए बहुत लाभदायक है। अगर पेट में गैस की शिकायत है, तो नित्यप्रति सुबह खाली पेट गोअर्क के साथ नींबू का रस और नमक मिलाकर पी सकते हैं। ऐसा करने के एक घंटे बाद ही नाश्ता किया जाना चाहिए। कब्ज रोगी को गोअर्क दिन में थोड़ा-थोड़ा तीन से चार बार लेना चाहिए





























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