नई दिल्ली। भविष्य के तकनीकी विकास के लिए अहम माने जा रहे रेयर अर्थ मैग्नेट के लिए चीन पर निर्भरता खत्म करने की तैयारी अब तेज हो गई है। भारत सरकार ने इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए रेयर अर्थ मैग्नेट के घरेलू उत्पादन के लिए 1,345 करोड़ रुपए की योजना प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत दो प्रमुख कंपनियों को सब्सिडी दी जाएगी। केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की।
भारी उद्योग मंत्रालय के सचिव कमरान रिजवी ने बताया कि रेयर अर्थ मैग्नेट प्रसंस्करण के लिए मसौदा योजना को अंतर-मंत्रालयी विचार-विमर्श के लिए भेजा जा चुका है और जल्द ही इसे अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। इस योजना के तहत निजी और सार्वजनिक क्षेत्र दोनों कंपनियों को भागीदारी का मौका मिलेगा। हालांकि, निवेश और निर्माण की अंतिम समय सीमा इस योजना में मिलने वाले प्रोत्साहनों और कच्चे माल की उपलब्धता पर निर्भर करेगी।
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब दुनिया के सबसे बड़े आपूर्तिकर्ता चीन ने सात तरह के रेयर अर्थ मैग्नेट के तत्त्वों और मैग्नेट निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। चीन अब इन उत्पादों के निर्यात के लिए लाइसेंस और एंड-यूज डिक्लेरेशन अनिवार्य कर चुका है, खासकर जब उपयोग रक्षा क्षेत्र या अमरीका को निर्यात से जुड़ा हो।
घरेलू उत्पादन ज़रूरी
ये रेयर अर्थ मैग्नेट इलेक्ट्रिक मोटर्स, स्मार्टफोन और मिसाइल मार्गदर्शन प्रणाली जैसी महत्त्वपूर्ण तकनीकों में उपयोग होते हैं। आत्मनिर्भर भारत के लिए इनका घरेलू उत्पादन ज़रूरी है।



























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