जबेरा, दमोह। भगवती मानव कल्याण संगठन एवं पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम ट्रस्ट के संयुक्त तत्त्वावधान में दिनांक 3-4 जनवरी को ग्राम पंचायत भवन, ग्राम-झरौली, तह.-झरौली, जि़ला-दमोह में 24 घंटे का श्री दुर्गाचालीसा अखण्ड पाठ सम्पन्न किया गया।
समापन बेला पर भारतीय शक्ति चेतना पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सिद्धाश्रमरत्न शक्तिस्वरूपा बहन संध्या शुक्ला जी ने कार्यक्रम में उपस्थित भक्तों को सम्बोधित करते हुए कहा कि ”इस ग्राम में यह दिव्य अनुष्ठान, यह कार्यक्रम इसलिए सम्पन्न किया गया, ताकि पूरे गाँव में माँमय वातावरण बन सके और लोगों के जीवन में परिवर्तन आ सके तथा उनके जीवन में जो भी विषमताएं हैं, उससे सभी बाहर निकल सकें। आपके जीवन की जो दिशाधारा है, जाने-अनजाने भटकाव लिए हुए है, उसे सही दिशा प्रदान करना ही इस कार्यक्रम का उद्देश्य है। यहाँ जो दिव्य अनुष्ठान 24 घंटे तक चला, पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम में अनन्तकाल के लिए अनवरत चल रहे श्री दुर्गाचालीसा पाठ से सम्बद्ध है और वहाँ जाने पर जो ऊर्जा मिलती है, वही ऊर्जा इस कार्यक्रम में शामिल लोगों को प्राप्त होगी।
हमारा परम सौभाग्य है कि हमें सच्चिदानंदस्वरूप चेतनावान् ऋषि गुरुरूप में प्राप्त हुए हैं, जिन्होंने ‘माँ के दर्शन प्राप्त किए हैं और जिनके दर्शनमात्र से जीवन में परिवर्तन आना शुरू होजाता है। जब आप नशामुक्त, मांसाहारमुक्त और चरित्रवान जीवन जीते हुए ‘माँ के चरणों के पास बैठकर साधना-आराधना करोगे, तो आपका जीवनसौन्दर्य खिलता चला जायेगा। ‘माँ हमारी आत्मा की जननी हैं, अपने अन्दर के अवगुणों को दूर कर दो, आत्मा के ऊपर पड़े बुराईयों के आवरण को हटा दो, तो उनकी कृपा और आशीर्वाद के पात्र बन जाओगे।
भगवती मानव कल्याण संगठन समाज में चेतना का संचार करने के लिए ऐसे आयोजन करता है, जिसके लिए संगठन के कार्यकर्ताओं को दिन-रात परिश्रम करना पड़ता है और वे समाजकल्याण के लिए अपना जीवन समर्पित किए हुए हैं। परम पूज्य सद्गुरुदेव जी महाराज ने इस कार्यक्रम में उपस्थित अपने सभी शिष्यों-भक्तों और समस्त ग्रामवासियों को अपना आशीर्वाद प्रदान किया है।
भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सिद्धाश्रमरत्न सौरभ द्विवेदी ‘अनूप जी ने कहा कि ”भगवती मानव कल्याण संगठन इस तरह के आयोजनों के माध्यम से समाजकल्याण का कार्य कर रही है। केवल कहने की ही बात नहीं है, यदि हम झरौली गांव की ही बात करें, तो गांव के जितने लोग इस संगठन से जुड़े हैं, कि पहले उनका जीवन कैसा था और आज उनके जीवन में कितना परिवर्तन आया है? ऐसा परिवर्तन कि वे नशामुक्त होगए, मांसाहारमुक्त होगए और चरित्रवान् बनकर माता आदिशक्ति जगत् जननी जगदम्बा की आराधना करने लगे। वही लोग आज गांव-गांव जाकर लोगों को नशे-मांसाहार से मुक्त चरित्रवान् जीवन जीने के लिए प्रेरित कर रहे हैं, जिससे सभी का जीवन सुख-शांति से समृद्ध हो सके। यदि आप चाहते हैं कि आपके जीवन में परिवर्तन आए, आपका परिवार सुख-शांति-समृद्धि से आबद्ध रहे, तो नशे-मांस से मुक्त चरित्रवान् जीवन जीना पड़ेगा।




























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