संकल्प शक्ति। हमारे ऋषि-मुनियों, मनीषियों ने वृक्षों में देवत्त्व की परिकल्पना की है और वृक्षों को पारिवारिक सदस्य निरूपित किया है। इसी पावन परंपरा का जीवंत प्रतीक है ‘हरियाली अमावस्या’ का पर्व, जो इस वर्ष 12 अगस्त को देश भर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा।
सावन मास के कृष्णपक्ष की इस अमावस्या पर पड़ने वाला यह पर्व केवल पारंपरिक पूजा-अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरण असंतुलन के इस दौर में हमें प्रकृति के संरक्षण का गंभीर संदेश देता है। मान्यता है कि हरियाली अमावस्या के दिन पौधे रोपने से पितृ प्रसन्न होते हैं और जीवन से ग्रह दोषों का निवारण होता है। इस दिन पीपल, बरगद, नीम, आंवला, तुलसी जैसे औषधीय तथा फलदार वृक्षों का रोपण व पूजन करने से घर में सुख, समृद्धि और आरोग्य का वास होता है।
सिद्धाश्रम में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम
हरियाली अमावस्या के इस पावन पवित्र अवसर पर, मध्यप्रदेश के शहडोल ज़िलान्तर्गत ब्यौहारी में स्थित विश्वस्तरीय आध्यात्मिक केन्द्र ‘पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम’ में एक विशाल और वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का संकल्प ऋषिवर सद्गुरुदेव श्री शक्तिपुत्र जी महाराज ने लिया है। ज्ञातव्य है कि ऋषिवर के पावन सानिध्य और निर्देशन में सिद्धाश्रम धाम में हर वर्ष पर्यावरण संरक्षण को लेकर समय-समय पर वृक्षारोपण अभियान पावन तिथियों पर चलाया जाता है और इस वर्ष 12 अगस्त को सिद्धाश्रम के विशाल भू-भाग में हज़ारों की संख्या में औषधीय, फलदार और छायादार पौधों का रोपण किया जाएगा।
वृक्षारोपण के इस महाअभियान में सिद्धाश्रमवासियों सहित भगवती मानव कल्याण संगठन के अनेक कार्यकर्ता इस वृहद अभियान में श्रमदान करेंगे और आश्रम के विभिन्न खंडों में पर्यावरण को शुद्ध करने वाले विशेष पौधे लगाए जाएंगे, जो दीर्घकाल तक क्षेत्र के वायुमंडल को आॅक्सीजन से समृद्ध रखेगी।
गौरतलब है कि सिद्धाश्रम धाम के परिक्षेत्र में केवल पौधे रोपे नहीं जाते, बल्कि उनके पूर्ण वृक्ष बनने तक उनकी देखरेख और सिंचाई का पूरा प्रबंध किया जाता है।
समय की पुकार; वृक्षारोपण अनिवार्य
आज जब कथित विकास की आंधी में शहर व गांव कंक्रीट के जंगलों में तब्दील होते जा रहे हंै और मौसम चक्र पूरी तरह प्रभावित हो चुका है, ग्लोबल वार्मिंग बढ़ते क्रम में है, तब हरियाली अमावस्या जैसे पर्व हमारी चेतना को जगाते हैं। पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम द्वारा किया जा रहा यह वृहद वृक्षारोपण कार्य समाज के लिए एक प्रेरणापुंज है। आइए, इस 12 अगस्त को हम आप सभी मूकदर्शक न रहें, बल्कि अपने घरों, पार्कों और खाली भूमि पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और इस धरती को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित बनाने में अपना योगदान दें।





























Views Today : 224
Views Last 7 days : 880
Views Last 30 days : 1530
Views This Year : 10520
Total views : 110993
Who's Online : 0
Your IP Address : 162.251.85.8