नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर मोटा टैरिफ लगाकर सोचा था कि उनके आगे भारत सरकार झुक जाएगी, लेकिन भारत ने भी ऐसा उल्टा झटका दिया कि टैरिफ से ज़्यादा नुक़सान अमेरिका को ही झेलना पड़ रहा है। ब्लूमबर्ग द्वारा जा री आंकड़ों के अनुसार, भारत का अमेरिका की ट्रेजरी में निवेश तेजी से नीचे आ रहा है। स्थिति ये है कि केवल एक साल की समयसीमा में ही इसमें 20 फीसदी से अधिक की गिरावट दिख रही है। इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लगभग 4.5 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
ब्लूमबर्ग के अनुसार, भारत ने पिछले एक साल में अमेरिकी ट्रेजरी नोट्स में अपनी हिस्सेदारी तेजी से घटाई है और यह देश की विदेशी मुद्रा भंडार की प्रबंधन रणनीति में बदलाव की ओर सीधा इशारा कर रहा है। सरकार ने ग्लोबल इकनॉमी में आ रहे आर्थिक और भू-राजनैतिक बदलाव के बीच यह रणनीति अपनाई है। इसका मकसद भारतीय अर्थव्यवस्था में मज़बूती लाना और ग्लोबल इकनॉमी में आ रहे उतार-चढ़ाव से बचाना है।





























Views Today :
Views Last 7 days : 250
Views Last 30 days : 1255
Views This Year : 7065
Total views : 107538
Who's Online : 0
Your IP Address : 216.73.217.31