संकल्प शक्ति, अलोपी शुक्ला। व्यक्ति समाज की इकाई है और व्यक्तियों से ही समाज बनता है तथा समाज से राष्ट्र का निर्माण होता है और राष्ट्रवासियों के हितों का ध्यान रखने के लिए लोकतंत्र की स्थापना की गई है। लेकिन, लोकतंत्र के तथाकथित रक्षक अपने दायित्वों से विमुख हो चुके है। चुनी हुई सरकारों को चाहिए कि वे ऐसा कोई कार्य न करेंं, जिससे कुसंस्कारी समाज का निर्माण हो, लेकिन सरकार में बैठे हुए तथाकथित राजनेता, जिनके ऊपर समाज को, राष्ट्र को विकास के पथ पर लेजाने का दायित्व है, वे नशे का, शराब का कारोबार फैलाकर अपना स्वार्थ सिद्ध करने में लगे हुए हैं, जिससे हमारा देश समाजिक, अध्यात्मिक एवं चारित्रिक दृष्टि से गिरता चला जा रहा है।
तदाशय की अभिव्यक्ति देते हुए भारतीय शक्ति चेतना पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष शक्तिस्वरूपा बहन सिद्धाश्रमरत्न संध्या शुक्ला जी ने कहा कि आज इस बात की आवश्यकता है कि देश में चल रहे नशे के कारोबार को पूरी तरह बन्द करवाया जाए और इसके लिए, जो अपने आपको मानव कहते हैं, समाज का आमवर्ग, बुद्धिजीवीवर्ग तथा देश के युवा समाज को अपनी आवाज़ बुलन्द करनी होगी।
आज समूचा भारत देश नशे की विभीषिका से जूझ रहा है, केन्द्र व राज्य सरकारों के द्वारा किए जा रहे शराब के व्यवसाय ने जहाँ देश के कर्णधार युवावर्ग को मानसिक रूप से विकलांग बना दिया है, महिलाएं व बच्चे प्रताडि़त हो रहे हैं, वहीं चारोंओर भय-भूख-भ्रष्टाचार का तांडव हो रहा है। अपितु धर्मसम्राट् युग चेतना पुरुष सद्गुरुदेव परमहंस योगीराज श्री शक्तिपुत्र जी महाराज के निर्देशन में जनकल्याण हेतु समर्पित भारतीय शक्ति चेतना पार्टी और धार्मिक, समाजिक संस्था भगवती मानव कल्याण संगठन के द्वारा क्रमबद्ध रूप से नशाविरोधी जनान्दोलन छेड़ दिया गया है।
पार्टी एवं संगठन के कार्यकताओं के द्वारा जहाँ मध्यप्रदेश में इस अभियान के तहत अवैध शराब की हज़ारों खेपें पकड़ाई जा चुकी हैं, वहीं जनजागरण के माध्यम से नशे-मांस से मुक्त, चरित्रवान् समाज के निर्माण की अलख जगाई जा रही है। मध्यप्रदेश की तरह ही उत्तरप्रदेश को नशामुक्त प्रदेश बनाने हेतु प्रथम चरण में मुख्यमंत्री के नाम प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने का सिलसिला प्रारम्भ कर दिया गया है और यदि इतने पर सरकार नशाबंदी की दिशा में सक्रिय नहीं होती, तो भारतीय शक्ति चेतना पार्टी और भगवती मानव कल्याण संगठन व्यापक जनान्दोलन के बाध्य हो सकते हैं।
शक्तिस्वरूपा बहन ने कहा कि वर्तमान समय में पूरे देश में जहाँ अनीति-अन्याय-अधर्म का साम्राज्य स्थापित है, लोग भय-भूख-भ्रष्टाचार से त्रस्त हैं, वहीं केन्द्र व राज्य सरकारों के द्वारा आमजनता को नशेरूपी ज़हर पिलाने के लिए नित नयी योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है, जैसा कि उत्तरप्रदेश सरकार ने अब होम बार लायसेंस देने का भी निर्णय ले चुकी है। कहते हैं कि उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी हैं, तो क्या योगी ऐसे ही होते हैं, जो आमजनमानस को शराब पिलाकर मानसिक रूप से विकलांग बनाए और नशे का विषदंत निरीह महिलाओं व बच्चों के प्राण लेती रहे, समाज असंस्कारी होजाए, युवावर्ग मानसिक रूप से विकलांग बनते चले जाएं? योगी तो ऐसे नहीं होते, योगी तो समाज का कल्याण चाहते हैं, समाज को परिष्कृत और संस्कारवान बनाते हैं। तो, क्या उत्तरप्रदेश की योगी सरकार समाज को शराब पिलाकर अपने प्रदेश को विकास की ऊँचाईयों पर ले जाना चाहती है? यह आत्मचिन्तन का विषय है, जिस पर विचार किया जाना अतिआवश्यक है।





























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भाजपा भी दोगली पार्टी है….
एक ओर नशामुक्ति केंद्र खोले जाते है, वहीं दूसरे ओर नए शराब के ठेके दे कर लोगों को शराबी बनाया जा रहा है।
सावधान रहें, ये सब आपको छल रहे है।