सौदागर न बनें, सत्य के मार्ग को अपनायें तभी मुक्ति संभव है।
सतोगुणी विचारधारा सत्य है और सत्य के साथ सान्निध्य सत्संग है।
आप जहां पर हैं, जिस धरातल पर हैं, वहीं से अपने पतन को रोकें और अच्छाई की ओर बढ़ें।
प्रलोभनों में फंसना जीवन को कष्ट के घेरे में डालना है।
अधिक धन होने से कोई महान नहीं बन जाता, वह महान बनता है परहित करने से।
प्रस्तुति
अलोपी शुक्ला
संकल्प शक्ति




























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