Homeक्षेत्रीयपरम पूज्य गुरुदेव जी के द्वारा हमारे अन्दर जलाई जा रही है;...

परम पूज्य गुरुदेव जी के द्वारा हमारे अन्दर जलाई जा रही है; कर्म, भक्ति और ज्ञान की ज्योति : सौरभ द्विवेदी

संकल्प शक्ति। घने अंधकार रूपी अज्ञान में जैसे ज्ञान का साथ मिल गया, धरती पर रहते-रहते जैसे आसमान का साथ मिल गया और परम पूज्य गुरुदेव जी के साथ चलते-चलते आभाष हुआ, कि जैसे हमें भगवान् का साथ मिल गया।

     दिनांक 11-12 दिसम्बर 2025 को ग्राम पंचायत-जोरा, जंगल चौकी के पास, तहसील-सरई, ज़िला-सिंगरौली, मध्यप्रदेश में सद्गुरुदेव श्री शक्तिपुत्र जी महाराज के आशीर्वाद से 24 घंटे का श्री दुर्गाचालीसा अखण्ड पाठ सम्पन्न हुआ।  

   दिव्य अनुष्ठान की समापन बेला पर भगवती मानव कल्याण संगठन के केन्द्रीय महासचिव व भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सिद्धाश्रमरत्न सौरभ द्विवेदी ‘अनूप’ जी ने परम पूज्य गुरुवरश्री की आत्मकल्याणकारी एवं जनकल्याणकारी विचारधारा की विस्तृत व्याख्या करते हुए कहा कि ‘‘ सद्गुरुदेव जी महाराज ने हमें ऐसी विचारधाराएं प्रदान की हैं कि जिससे हमें अपनी उन्नति के लिए, सुख-शान्ति के लिए किसी के कन्धे का सहारा न लेना पड़े।

परम पूज्य गुरुवर ने हमें मानवीय कर्त्तव्यों का बोध कराते हुए मानवता की सेवा, धर्मरक्षा एवं राष्ट्ररक्षा के लिए भगवती मानव कल्याण संगठन, भारतीय शक्ति चेतना पार्टी और पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम जैसी पावन धाराएं प्रदान की हैं, जिससे हमारा नित्यप्रति कल्याण होता है और हम साधकप्रवृत्ति की ओर अग्रसर हैं। इन धाराओं पर चलने से हमारे अन्दर ज्ञान का, भक्ति का कर्म का प्रकाश पैदा होता है। सबसे प्रमुख बात यह कि गुरुदेव जी के द्वारा हमारे अन्दर कर्म, भक्ति और ज्ञान की ज्योति जलाई जा रही है।

पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम, एकमात्र ऐसा पावन धाम है, जहाँ 15,4,1997 से श्री दुर्गाचालीसा अखण्ड पाठ अनवरत अनंतकाल के लिए संचालित है और 28 वर्षों से अखण्ड ज्योति प्रज्ज्वलित है। गुरुदेव जी के द्वारा समाजकल्याण को दृष्टिगत रखकर चालीसा पाठ मंदिर में 11 दिव्यमूर्तियाँ स्थापित की गर्इं हैं और नित्यप्रति सुबह-शाम उन दिव्यशक्तियों की आरती, पूजन किया जाता है और जो भी उन दिव्यमूर्तियों के समक्ष बैठकर श्री दुर्गाचालीसा का पाठ करते हैं, उन्हें ‘माँ’ की कृपा अवश्य मिलती है। इस सिद्धाश्रम धाम में कोई भी नशा करने वाला व्यक्ति यदि चौबीस घंटे रुक जाता है, तो उसका नशा छूट जाता है।

आज मनुष्य क्यों परेशान है? क्योंकि वह पूर्णरूपेण स्वार्थ से ग्रसित हो चुका है, किसी के  अन्दर परोपकार की भावना ही नहीं रह गई है, कोई ग़रीबों, बीमारों, असहायों की सहायता करना ही नहीं चाहता और लोगों को दूसरों की निन्दा करने में मजा आता है! सौभाग्यशाली हैं भगवती मानव कल्याण संगठन के लोग, जिन्हें ऋषिवर श्री शक्तिपुत्र जी महाराज गुरुरूप में मिले हैं और वे मानवता की सेवा के लिए हर समय तत्पर रहते हैं, जनकल्याण के लिए जगह-जगह दिव्य अनुष्ठान करवाए जा रहे हैं। परम पूज्य गुरुवर ने हमें ऐसे ही भक्तिमार्ग पर नहीं बढ़ाया है।

 तो, भाईयों और बहनों उस पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम धाम में 22-23 जनवरी 2026 को, जो योग साधना शिविर लगने वाला है, उस शिविर में आप लोगों को भी उपस्थित होना है और अपने साथ अपने प्रियजनों, साथियों, रिश्तेदारों को भी शिविर में लेकर आएं, जिससे वे भी कर्म, भक्ति और ज्ञान की ज्योति से प्रकाशित हो सकें।’’

उद्बोधनक्रम के पश्चात् कार्यक्रम में आए हुए सभी भक्तों ने शक्तिजल और प्रसाद प्राप्त किया।

संबंधित खबरें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

आगामी कार्यक्रमspot_img

Popular News