दरअसल, ये जड़ी बूटी एंटी-बैक्टीरियल और एंटी आक्सीडेंट गुणों से भरपूर है जिसका सेवन कई बीमारियों से राहत पाने के लिए किया जाता रहा है। नीद न आने व डिप्रेशन के लक्षणों को कम करने के लिए यह जड़ी-बूटी कारगर है।
अनिद्रा में रतनजोत का इस्तेमाल
अगर आपको नींद नहीं आ रही है और आप सिर दर्द से परेशान रहते हैं तो रतनजोत आपके लिए काफी फायदेमंद हो सकती है। रतनजोत में सूजन-रोधी गुण होते हैं, जो इसे दर्द और सूजन को कम करने में उपयोगी बनाते हैं। इससे व्यक्ति रिलैक्स और शांत महसूस करता है। ऐसे में आप रतनजोत को नारियल तेल में मिलाकर पका लें और रात में सोने से पहले सिर की मालिश करें। कुछ ही घंटों में आपको इसका असर महसूस हो सकता है।
नींद न आने व अवसाद में करों रतनजोत का इस्तेमाल
रतनजोत के तेल से मालिश शरीर के दर्द से राहत दिलाने में मदद कर सकती है और समग्र विश्राम के लिए फायदेमंद हो सकती है। जो लोग डिप्रेशन में होते हैं उनका ब्रेन बिना थके लगातार किसी न किसी सोच में डूबा रहता है और उन्हें हमेशा एक दु:ख महसूस होता रहता है। ऐसे लोगों को नींद नहीं आती जिससे डिप्रेशन के लक्षण और बढ़ जाते हैं। ऐसी स्थिति में रतनजोत के एंटीआक्सीडेंट गुण तनाव को कम करके ब्रेन को रिलैक्स करने में मदद करते हैं, नींद को बढ़ावा देते हैं जिससे हार्मोन्स कंट्रोल में रहते हैं और हैप्पी हार्मोन्स को बढ़ावा मिलता है।
अनिद्रा और अवसाद के लिए रतनजोत को अभ्यंग तेल मालिश में शामिल किया जा सकता है, जो कि विश्राम को बढ़ावा दे सकता है और नींद में सुधार कर सकता है। इसके अलावा शिरोधारा, जो तनाव और अनिद्रा के लिए लाभकारी है आपकी मानसिक समस्याओं को कम करने में मदद कर सकती है। हालांकि, अवसाद और अनिद्रा के लिए कई अन्य कारगर आयुर्वेदिक उपाय भी हैं, जिनके बारे में आपको अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए।




























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