लाड़वा, कुरुक्षेत्र। सद्गुरुदेव श्री शक्तिपुत्र जी महाराज के आशीर्वाद से भगवती मानव कल्याण संगठन के तत्त्वावधान में दिनांक 29-30 नवम्बर 2025 को अनाज मण्डी, लाडवा, ज़िला-कुरुक्षेत्र, हरियाणा में नशामुक्त हरियाणा-खुशहाल हरियाणा के लक्ष्य को लेकर 24 घंटे के श्री दुर्गाचालीसा अखण्ड पाठ का भव्य आयोजन किया गया। हज़ारों की संख्या में उपस्थित भक्तों ने दिव्य अनुष्ठान के शुभारम्भ में ‘माँ’-गुरुवर के जयकारे लगाए।
समापन बेला पर उपस्थित जनसमुदाय को सम्बोधित करते हुए भारतीय शक्ति चेतना पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष शक्तिस्वरूपा बहन सिद्धाश्रमरत्न संध्या शुक्ला जी ने कहा ‘‘बड़े सौभाग्य की बात है कि इस पावन धरती पर हज़ारों-हज़ार की संख्या में गुरुभाई-बहनों व क्षेत्रीयजनों ने उपस्थित होकर माता भगवती आदिशक्ति जगत् जननी जगदम्बा का गुणगान किया। जो क्रम परम पूज्य सद्गुरुदेव जी महाराज ने 28 वर्ष पूर्व पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम से प्रारम्भ किया था, वह आज गांव-गांव, शहर-शहर पहुंच चुका है।
यह अनुष्ठान कोई साधारण अनुष्ठान नहीं है, अपितु यह सभी धर्मों का सार है। द्वापर काल में इस कुरुक्षेत्र में भगवान् श्रीकृष्ण ने कर्त्तव्य का उपदेश दिया था, कर्म का उपदेश दिया था, धर्म का उपदेश दिया था कि इस धरा से कैसे अधर्म का नाश करके सत्यधर्म की स्थापना की जा सके? और इसके लिए अस्त्र-शस्त्र उठाने का उपदेश उन्होंने दिया था। यह कलियुग का काल है और इस काल में ऋषिराज सच्चिदानंदस्वरूप श्री शक्तिपुत्र जी महाराज भारत की पुण्यधरा पर आए हैं और उन्होंने उपदेश दिया है कि केवल ‘माँ’ के नाम को अपना अस्त्र-शस्त्र बना लो, समाज से अनीति-अन्याय-अधर्म समाप्त होकर पुन: सत्यधर्म की स्थापना हो जाएगी और आप सभी देख रहे हैं कि परिवर्तन का चक्र चल चुका है।’’
भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं भगवती मानव कल्याण संगठन के केन्द्रीय महासचिव सिद्धाश्रमरत्न सौरभ द्विवेदी ‘अनूप’ जी ने प्रभावपूर्ण शब्दों में कहा कि ‘‘परम पूज्य सद्गुरुदेव श्री शक्तिपुत्र जी महाराज के द्वारा प्रदत्त जनकल्याणकारी व आध्यात्मिक विचारधारा सम्पूर्ण समाज के उत्थान की विचारधारा है। किसी पुस्तक को, किसी धर्मग्रंथ को पढ़ो या न पढ़ो, जब तक आपका अन्त:करण पवित्र नहीं होगा, तब तक ज्ञानी नहीं बनोगे, आत्मशक्ति प्राप्त नहीं कर पाओगे। लेकिन, यदि आपने परम पूज्य गुरुवरश्री की विचारधारा को आत्मसात कर लिया, तो चेतनावान् बनोगे, शक्तिवान बनोगे।
आप चाहे युवा हों, महिला हों, बच्चे हों, बुजुर्ग हों, चाहे किसी भी धर्म के, किसी भी समाज के हों, गुरुदेव जी की विचारधारा सबसे पहले आपको आत्मशक्ति से सम्पन्न बनाती है, चैतन्य बनाती है। आप परेशान थे, अशांत थे, अपको कोई मार्ग नहीं मिल रहा था और जैसे ही आपने नशे-मांसाहार से मुक्त चरित्रवान् जीवन अपनाकर ‘माँ’ की साधना-आराधना का क्रम प्रारम्भ किया, आपका घर मंदिर के समान पावन होजाता है, एक विशेष शांति की अनुभूति होती है और समस्याएं भागती नज़र आती हैं।
यह कुरुक्षेत्र दुनियाभर में जाना जाता है, क्योंकि यहाँ भगवान् श्रीकृष्ण ने भक्ति, ज्ञान और कर्मयोग का संदेश दिया था और अब यह नशे का कुरुक्षेत्र बन गया! आख़िर इसका ज़िम्मेवार कौन है? शासन-प्रशासन या आप स्वयं! सबसे अधिक सरकारी तंत्र ज़िम्मेवार है, जिसने नशे के व्यापार को खुली छूट दे रखी है। इसके विरुद्ध सतत आवाज़ उठाते रहना है और जब तक हरियाणा पूर्णरूपेण नशामुक्त होकर खुशहाल नहीं होजाता, नशामुक्ति का अभियान और जनजागरण चलता रहे, यह हम सभी की ज़िम्मेदारी है।’’
उद्बोधनक्रम के पश्चात् नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लेते हुए सभी भक्तों ने शक्तिजल और प्रसाद ग्रहण किया।





























Views Today :
Views Last 7 days : 250
Views Last 30 days : 1255
Views This Year : 7065
Total views : 107538
Who's Online : 0
Your IP Address : 216.73.217.31